
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/भरतपुर। Bharatpur statue controversy: नदबई के बैलारा चौराहे पर प्रतिमा स्थापना से उपजी राजनीति अब सड़क पर आ गई है। केबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के पुत्र अनिरुद्ध सिंह ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मोती महल परिसर में समाज की सभा बुलाने की घोषणा कर दी है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बैलारा चौराहे पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर हंगामा हुआ था। नदबई पुलिस ने अनिरुद्ध समेत उनके समर्थकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
रविवार को अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल से बैलारा के निवासी इस स्थान पर महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापित करने की उम्मीद में थे, लेकिन स्थानीय विधायक ने जनता की राय लिए बगैर दूसरी प्रतिमा लगाने की स्वीकृति ले ली। हम और हमारा पूरा समाज किसी भी कौम या महापुरुष के खिलाफ नहीं हैं। महाराजा सूरजमल हर कौम के लिए सम्मानीय हैं।
अनिरुद्ध बोले- मोती महल में होगी समाज की सभा:
अनिरुद्ध ने कहा कि जल्द ही मोती महल में सभा बुलाई जाएगी। इसमें उनकी मां दिव्या सिंह, अनिरुद्ध का पक्ष रखेंगी। यदि समाज कहेगा कि मैं दोषी हूं तो वे खुद मुझे नदबई एसएचओ के सामने पेश करेंगी। अनिरुद्ध ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।
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षड्यंत्र रचकर कांग्रेस सरकार के साथ मिलकर मेरे व समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। बैलारा भूमि पूजन कर महाराजा सूरजमल की तस्वीर की स्थापना कराई। लाठीचार्ज नहीं हुआ। किसी भी महापुरुष के खिलाफ बात नहीं की गई। जय श्री राम व महाराजा सूरजमल के नारे लगाए गए।
विश्वेंद्र सिंह का वीडियो आया सामने:
इधर, केबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वे अंबेडकर जयंती पर हुए कार्यक्रम में कह रहे हैं कि नदबई में घटनाक्रम क्या चल रहा है। इसकी हकीकत किसी को पता नहीं है। बैलारा चौराहे पर बाबा साहेब की प्रतिमा की अनुमति मिल चुकी थी। मैंने तय किया कि विवाद न हो। डहरा मोड पर महाराजा सूरजमल की प्रतिमा लगाने की स्थापना कराने की स्वीकृति दिला दी। भगवान परशुराम की मूर्ति जहां लगनी है वहां की अनुमति दे दी। एक दिसंबर को सरपंच ने स्वीकृति दे दी।
चार महीने बाद संभागीय आयुक्त ने स्वीकृति जारी की। मेरे पास फोन आया तो मैंने कहा कि 7 से 10 दिन का समय दो। ताकि गुत्थी को सुलझाया जा सके। महाराजा सूरजमल किसी एक जाति के नहीं थे, सभी कौम के थे। अब जो ये राजनीति हो रही है इसका अफसोस है। मैंने आज तक के कार्यकाल में कभी जातिवाद को स्थान नहीं दिया है। जाटव समाज से कहना चाहूंगा कि आप भ्रमित न हों। मैं आपके साथ हूं।
Published on:
17 Apr 2023 01:46 pm
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