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जाटों ने भरी हुंकार…अब विधानसभा चुनाव में दमखम दिखाएगा समाज

केंद्र में आरक्षण, मेडिकल कॉलेज के नामकरण समेत विभिन्न मुद्दों पर जुटा जाट समाज-जाट महासम्मेलन में बोले वक्ता, डॉ. प्रेम सिंह कुन्तल को जिला जाट महासभा का जिला अध्यक्ष चुना

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जाटों ने भरी हुंकार...अब विधानसभा चुनाव में दमखम दिखाएगा समाज

जाटों ने भरी हुंकार...अब विधानसभा चुनाव में दमखम दिखाएगा समाज

भरतपुर. जिला जाट महासभा की ओर से रविवार को हुए महा सम्मेलन में जाट समाज ने भरतपुर-धौलपुर के जाटों को केंद्र में ओबीसी में आरक्षण, मृत्युभोज बंद करने, राजनीति में स्थान देने समेत विभिन्न मुद्दों को बिगुल बजाया। वक्ताओं ने जाट समाज को आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए राजनैतिक रूप से मजबूत बनने का संकल्प दिलाया। जाट हवेली, सर छोटूराम पशुधन सहायक प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में राजस्थान जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम मील के मुख्य अतिथ्य व अखिल भारतवर्षीय जाट महासभा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री इतिहासकार रामवीर सिंह वर्मा की अध्यक्षता में हुए जाट महा सम्मेलन हुआ। महासम्मेलन का शुभारंभ अखिल भारतवर्षीय जाट आरक्षण संयुक्त संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचपी सिंह परिहार, मथुरा जिला महापंचायत के अध्यक्ष चौधरी किशन सिंह एवं प्रमुख उद्योगपति दीपराज सिंह, रज्जन सिंह ताखा ने महाराजा सूरजमल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया।
जाट महा सम्मेलन के मुख्य अतिथि राजाराम मील ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार ओबीसी के आरक्षण को जातियों में बांट कर जातीय संघर्ष के हालात पैदा करना चाहती है। इसे जाट किसी भी हालात में नहीं होने देंगे। मील ने कहा कि राजस्थान की नौकरियों में भर्ती को सरकार में बैठे कुछ राजनेता व अफ सर पेपर लीक करके व हाइकोर्ट में याचिका दायर कर अटका देते है। ताकि युवाओं को नौकरी ही न दी जाए। इसका भी हम विरोध कर रहे है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचपी सिंह परिहार ने समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि जाटों के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिये राजनैतिक रूप से मजबूत होना पड़ेगा। ताकि हमारी सत्ता में भागीदारी बढ़़े। परिहार ने कहा कि ईआरसीपी (ईस्टर्न कैनाल परियोजना) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर उत्तरी पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को लाभ पहुंचाने के लिए इसे केन्द्र व राज्य सरकार जल्द से जल्द कार्यवाही करें। उन्होंने कौम की भलाई के लिए अपने को समर्पित करते हुये कहा कि जाट हमेशा सबका हित करके बाद में अपना हित करता है। सम्मेलन को रज्जन सिंह ताखा, बृजेन्द्र देशवाल एवं मथुरा जिला महापंचायत के अध्यक्ष चौधरी किशन सिंह ने कहा कि जब उत्तर-प्रदेश सरकार वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल के नाम से मथुरा रोड का नाम राजस्थान बॉर्डर तक घोषित कर चुकी है तो रारह से भरतपुर तक मथुरा रोड का नाम राजस्थान सरकार महाराजा सूरजमल के नाम से घोषित क्यों नहीं कर रही है। हमारी मांग है कि इस सड़क का नाम महाराज सूरजमल रोड रखा जाए। भरतपुर के पूर्व राज परिवार के सदस्य दीपराज ने जाट समाज का आव्हान किया कि आगामी चुनावों में अपने प्रतिनिधि चुनकर सत्ता पर कब्जा करें। उन्होंने समाज की एकता पर बल देते हुए जाट महापुरुषों के सम्मान के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अध्यक्षता करते हुए जाट महासभा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री इतिहासकार रामवीर सिंह वर्मा ने प्रस्ताव रखा कि भरतपुर जाट महासभा का जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह कुन्तल को पुन: सर्व सम्मति से निर्वाचित किया जाता है। जाट सरदारी ने हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन करते हुए डॉ. प्रेम सिंह कुन्तल को जिला अध्यक्ष चुना। समारोह में सभी अतिथियों का माल्र्यापण साफ ा, शॉल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह कुन्तल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के नाम पर तथा भरतपुर के जाट महापुरुषों की उपेक्षा किए जाने पर जाट समाज आन्दोलन करेगा। समारोह में साहब सिंह एडवोकेट, श्यामवीर सिंह कुन्तल, राजाराम भूतौली, भारत सिंह गादौली, गोविन्द सिंह भगौर, ईश्वर सिंह बछामदी, केप्टेन लक्ष्मीनारायण, पुष्पेन्द्र कुन्तल, प्रेमसिंह मदेरणा, मनुदेव सिनसिनी, नौनिहाल सिंह डागुर, राकेश फौजदार, मोहन सिंह करकला, थान सिंह सोलंकी, देवेन्द्र चौधरी कामां, अनूप सिंह चौधरी कामां, प्रकाश विनऊआ, हुकम सिंह चौटाला, सत्यप्रिय एडवोकेट, फतेहसिंह फैंटा, अभयवीर सोलंकी, इन्दल सिंह जाट, अरविंदपाल सिंह, गोपाल सिंह एडवोकेट, वीरेन्द्र आर्य, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. अमर सिंह, डा. प्रदीप डागुर, केप्टेन लेखराज, कर्नल ओमवीर सिंह, सुनीता चौधरी, कुलदीप सिंह धैवा, कर्नल राजकुमार विजारनिया, सुनील प्रधान, सुरेश मदेरणा, गंभीर सिंह तुहिया, मुरारी पंच, राजेन्द्र सिंह जघीना, बाबू लाल तंवर आदि उपस्थित थे।

महासम्मेलन में यह मुद्दे आए सामने

समारोह में मेडिकल कॉलेज का महारानी किशोरी के नाम से रखने, भरतपुर फोर्ट डवलपमेंट का गठन करने, राजस्थान के जाटों के लिए वीर तेजाजी विकास बोर्ड का गठन करने, डीग के जल महलों को वल्र्ड हैरिटेज मोनूमेन्ट घोषित करने, यूआईटी ऑडिटोरियम का नाम भरतपुर के अन्तिम शासक महाराजा बृजेन्द्र सिंह के नाम रखने सहित 11 प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किए गए। स्वागत भाषण कैप्टेन लक्ष्मी नारायण ने दिया।