भरतपुर. डीग को जिला बनाने की घोषणा के साथ ही कुम्हेर व रारह को भरतपुर में यथावत रखने की मांग को लेकर विरोध के स्वर मुखर हो चुके हैं। कुछ नेताओं ने डीग जिले का पुर्नगठन करने की मांग उठा दी है तो कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने विरोध कर रहे नेताओं को नसीहत दे डाली है।
कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह रविवार को केवलादेव नेशनल पार्क में पहुंचे। जहां डीग के लोगों ने केवलादेव नेशनल पार्क के सामने स्वागत किया गया । इस दौरान लोगों ने कहा कि लंबे समय की मांग मुख्य मंत्री अशोक गहलोत ने पूरी की है। अब लोगों को फायदा मिलेगा। साथ ही साथ लोगों ने कैबिनेट मंत्री का आभार जताया और कहा कि डीग, नगर, कामां, पहाड़ी, सीकरी की जनता को भरतपुर नहीं आना पड़ेगा। अलवर जिले के बॉर्डर से सटे हुए गांव को भरतपुर आने में परेशानी होती थी। अब वह डीग में अपना राजकीय कार्य कराया करेंगे और उन्हें आसानी होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह डीग जिला बनना पच नहीं रहा है। उन्होंने समझना चाहिए कि इससे तीन विधानसभा क्षेत्रों की जनता को लाभ मिलेगा। उस जिले में शामिल हर कस्बे व गांव-गांव का विकास तीव्र गति से होगा। जिला बनने के जितने फायदा गिनाए जा सकते हैं, उससे भी वह कहीं अधिक है। क्योंकि जिला बनने से एक भी नुकसान नहीं है। भाजपा नेताओं के जिला बनने पर खुशी जाहिर करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ नेता सामने से खुशी जता रहे हैं और पीठ पीछे विरोध कर लोगों को भडक़ा रहे हैं।