भरतपुर. साहब…इकलौती साली की शादी है, अगर शादी में नहीं गए तो घर में बड़ा क्लेश खड़ा हो जाएगा, साहब…बीवी को बच्चा होने वाला है और मां की तबियत खराब रहती है। साहब…देर तक कुर्सी पर बैठने से गैस बनती है। साहब…इकलौती बहन है और भांजे की शादी में भात देने नहीं गए तो जिंदगीभर का दाग लग जाएगा। जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं चुनाव ड्यूटी प्रभारी दाताराम के चैंबर में हर समय कुछ इस कदर अजब बहाने सुनने को मिलते हैं। अधिकारी भी हैरान और परेशान हैं। चुनाव कर्मचारियों से ही कराना है। ऐसे में कुछ कर्मचारियों को डांट भी लगा दी जाती है। कुछ के कारण सही मानते हुए उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त भी कर दिया जाता है।