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VIDEO…भरतपुर में भूमाफिया का ऐसा कारनामा…! विरोध में बड़ा निर्णय

-भूमाफियाओं को सहयोग दे रहे सरकार व प्रशासन-कब्रिस्तान की जमीन की कागजों में हेराफेरी के विरोध में बैठक-नगर निगम के पार्षदों ने दिया आंदोलन को समर्थन

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भरतपुर. शहर के जवाहर नगर स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर हुए अतिक्रमण एवं कागजों में किए गए फेरबदल के विरोध में अब नगर निगम के पार्षद भी लामबंद हो गए हैं। एक दर्जन से अधिक पार्षदों की बैठक बी-नारायण गेट के पास शुक्रवार की रात को हुई। इसमें स्थानीय प्रशासन, सरकार व जनप्रतिनिधियों पर भूमाफियाओं को सहयोग देने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उल्लेखनीय है कि शमसान और कब्रिस्तान की भूमियों की किस्म परिवर्तन नहीं हो सकती है, लेकिन जवाहर नगर स्थित कब्रिस्तान की किस्म परिवर्तन की गई है। एक समुदाय का आरोप है कि वह कानून सम्वत नहीं है, लेकिन भूमाफियाओं एवं राजनीतिक गठजोड़ के दबाब के चलते किस्म परिवर्तन बंजर बारानी के रूप में नियम विरुद्ध किया गया है।
हाजी असलम की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष रूपेंद्र सिंह जघीना ने कहा कि नगर निगम व प्रशासन की ओर से करोड़ों रुपए के फर्जी पट्टा घोटाले में ही असल दोषियों को बचाया गया है। जबकि मुख्य सरगना अब भी बाहर घूम रहे हैं। एक ही आरोपी को मोहरा बनाकर हर केस में गिरफ्तार दिखा दिया गया। यह सब भूमाफिया गिरोह का ही कारनामा था। मंदिर, वक्फ व कब्रिस्तानों की भूमि पर भी अब भूमाफियाओं की नजर है। जवाहर नगर का कब्रिस्तान इसका ताजा उदाहरण है। इसमें प्रशासन व सरकार भूमाफियाओं का सहयोग दे रहे हैं। इतना ही नहीं किस्त परिवर्तन करने वाले प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई न कर उसे भी बचाया जा रहा है। पार्षद मुकेश कुमार पप्पू ने कहा कि कुछ अधिकारियों की ओर से भूमाफियाओं के दबाव में आकर इस तरह का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष इंद्रजीत भारद्वाज भूरा ने कहा कि कब्रिस्तान की भूमि का किस्म में बदलाव नहीं हो सका है। जिस कोर्ट से स्टे था, उसमें भी संबंधित व्यक्ति ने निजी कब्रिस्तान होना बताया, लेकिन अब उसकी किस्म की परिवर्तित कर दी गई। बैठक में गोपाल चौहान, दीपक मुदगल, पप्पू कसाना, चतर सैनी, शैलेष पाराशर, ऋषिराज सिंह, शैलेष खटाना, अबरार कुरैशी, सलीम खान, शैलेष गुर्जर आदि उपस्थित थे।

यह मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा आंदोलन

कब्रिस्तान की जिस दीवार तोड़ा गया है, उसके लिए संबंधित खिलाफ मुकदमा कराया जाए।

जिस अधिकारी ने भूमि की किस्म का परिवर्तन किया है, उसे 15 दिन में वापस कब्रिस्तान दर्ज कर अधिकारी को निलंबित किया जाए।

कब्रिस्तान की चारदीवारी का निर्माण सरकार जल्द कराए।

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