श्याम के सवाल और दाऊ के जवाबों के बीच सिमटा सदन, हर दखल पर झल्ला उठे महापौर

- नगर निगम की साधारण सभा की बैठक

By: Meghshyam Parashar

Updated: 23 Jan 2021, 11:28 AM IST

भरतपुर . कोरोना को मात देने के बाद शुक्रवार को 10 माह बाद शहर की सरकार का सदन महापौर अभिजीत कुमार की अध्यक्षता में साधारण सभा के लिए जुटा। पूरा सदन शहर को आवारा जानवर और बंदरों से मुक्ति की मांग के बीच सदन पार्षद श्यामसुंदर गौड़ और दाऊदयाल शर्मा के सवाल-जवाब और नोंक-झोंक के बीच सिमटा नजर आया। पार्षद की हर 'दखलÓ के बीच एकबारगी महापौर भी झल्ला गए और उन्हें डिस्टर्ब नहीं करने तक की नसीहत दे डाली। इस झल्लाहट के बीच कुछ भाजपा पार्षदों ने एकजुटता से महापौर पर दवाब नहीं बनाने की बात कही।
सभा की शुुरुआत बंदरों से मुक्ति दिलाने की मांग से हुई। संजय शुक्ला ने कहा कि पार्टी पॉलिटिक्स से परे लोगों को इस समस्या से निजात मिलनी चाहिए। आवारा जानवरों से लोग चोटिल हो रहे हैं। कई की जान भी जान चुकी है। इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। पार्षद मुकेश ने कहा कि जानवर नहीं पकडऩे वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। नगर निगम को जान बूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। जमादारों को पदोन्नति शीघ्र ही की जाए। निगम ने जो केस जीते हैं, निगम की भूमि व संपत्तियों पर कब्जा लिया जाए। श्यामसुंदर गौड़ ने इस मसले पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस पर आयुक्त डॉ. राजेश गोयल ने भरोसा दिलाया कि अब बंदर शहर में नहीं रहेंगे। पार्षद रूपेन्द्र सिंह ने पहली बैठक में हुए निर्णयों के संबंध में जवाब मांगा। साथ ही खॉली प्लॉट संंबंधी सवाल उठाया। साथ ही कहा कि महापौर को संबोधित करते हुए कहा कि जब सब कुछ आप ही तय कर सकते हो तो सदन को क्यूं बुलाया। इस बीच पार्षद श्यामसुंदर गौड़ और दाऊदयाल के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। काफी देर तक दोनों माइक पकड़े हुए एक-दूसरे पर शब्द बाण चलाते रहे। इस बीच पार्षद सतीश सोगरवाल ने पार्षद को इंगित करते हुए कहा कि वह किसी को बोलने से रोक नहीं सकते। यदि कहना जानते हैं तो सुनना सीखना चाहिए। यह बैठक महज आपके सवाल और जवाब के लिए नहीं है। पार्षद रेनू गौरावर ने सवाल किया कि एक वार्ड में तीन करोड़ के काम हो रहे हैं और किसी में 10 लाख के भी नहीं। ऐसा भेदभाव क्यूं। क्या हम अफसरों के चक्कर ही काटते रहें। इस पर आयुक्त ने कहा कि मेरी गारंटी है अब काम भेदभाव से नहीं बल्कि प्राथमिकता के आधार पर होंगे। पार्षद शिवानी दायमा ने कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए पार्षद निगम के चक्कर काटते हैं। इस पर उप महापौर गिरीश चौधरी ने पार्षदों के लिए स्पेशल पैकेज रखने बात कही। पार्षद मोती ने आरोप लगाया कि पहले आयुक्त ने भेदभाव किया। हमारे मोहल्ले में दीपावली पर लाइट तक नहीं जलीं। उन्होंने आह्वान किया कि चमचागिरी से पार्षदों में फूट नहीं पड़े। इस पर पार्षद गौड़ ने चापलूसी और चमचागिरी जैसे शब्दों पर आपत्ति जताई। पुष्पा गुर्जर ने गंदा पानी आने की शिकायत की। पार्षद विजेंद्र चीमा ने कहा कि पांचों ऐतिहासिक बुर्जों का संरक्षण नहीं हो रहा है। यह इतिहास का याद दिलाती है। नगर निगम को इनके संरक्षण को लेकर कार्य किया जाना चाहिए। इस दौरान पार्षद पंकज गोयल आदि मौजूद रहे।

एक घंटे में बोले 30 मिनट

पार्षद श्यामसुंदर गौड़ और दाऊदयाल शर्मा के बीच नोंक-झोंक के बाद महापौर ने गौड़ को टोकते हुए कहा कि आप एक घंटे में 30 मिनट बोले हैं और भी पार्षद बोलने के लिए हैं। इस पर पार्षद और महापौर के बीच नियमों को लेकर तकरार हुई। किसी भी मुद्दे को एजेंडे में शामिल करने को लेकर हुए सवाल-जवाब के बीच महापौर ने कह दिया कि आप डिस्टर्ब कर रहे हैं। गौड़ ने डिस्टर्ब शब्द पर आपत्ति जताई। इस बीच अन्य भाजपा पार्षदों ने समर्थन करते हुए महापौर से दवाब नहीं बनाने की बात कही। महापौर ने जवाब दिया कि एजेंडे को शामिल करने का एक प्रोसिस होता है। आप लिखित में दे दीजिए, हम उसका लिखित में जवाब दे देंगे।

मजाल है कि बोलने दिया हो

पार्षद गौड़ और शर्मा के बीच हुई नोंक-झोंक के बाद तय हुआ कि सबको नंबर-नंबर से बोलने दिया जाए और शुरुआत नारी शक्ति से की जाए। इस पर मामला शांत हो गया, लेकिन इसके बाद भी मजाल है कि महिलाओं को अपने बात रखने का मौका मिला हो। कुछ पार्षद घूंघट के बीच अपनी बात रखने का प्रयास करती रहीं, लेकिन सदन के शोर में उनकी आवाज दबकर रह गई।

बदन पर बैनर लगाकर पहुंचे पार्षद रामेश्वर सैनी

पार्षद रामेश्वर सैनी नोंह स्थित कचरा घर की समस्या संबंधी बैनर से बदन को ढंककर सदन में पहुंचे, जो एकबारगी आकर्षण का केन्द्र बन गए। वह महापौर से रूबरू हुए। सैनी ने कहा कि पहली बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद करीब साढ़े तीन लाख रुपए की स्वीकृति भी हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में प्रदूषण के चलते वार्ड सड़ रहा है। लोगों का सांस लेना तक दूभर हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि कचरा जलाया नहीं जाए। इसके बाद भी नोंह में कचरे में आग लगी हुई है। सैनी ने कहा कि कचरा घर के निस्तारण संबंधी बैनर उन्हें वार्डवासियों ने पहनाया है। यह बैनर मैं समस्या के निस्तारण नहीं होने तक नहीं उतारूंगा और शहर मेें घुमूंगा। इससे नगर की साख को बट्टा लगेगा।

बोले पार्षद मैं दे दूंगा इस्तीफा

पार्षद कपिल फौजदार ने सदन में सवाल किया कि निगम में टेंडर 40 प्रतिशत बिलो में हो रहे हैं। ऐसे में काम हो सकते हैं क्या? सड़कें उखड़ रही हैं। इससे पार्षदों की छवि धूमिल हो रही है। फौजदार ने कहा कि अच्छे कार्य यदि इतनी कम रेट में हो जाएं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। इस पर एक्सईएन ने कहा कि टेंडर ऑनलाइन होते हैं। उन्हें नहीं रोका जा सकता। काम के दौरान पार्षद मॉनीटरिंग करें। इस पर कपिल ने कहा कि वह इंजीनियर नहीं हैं। शहर के विकास के मामले में पार्षदों की सहमति अनिवार्यहो। पार्षद गौड़ ने बिल लगाने से पहले पार्षद से पूछे जाने की बात कही।

भाजपा हो चुकी है नेता विहीन

पार्षद दाऊदयाल शर्मा ने सफाई कर्मचारियों को निर्धारित भुगतान से कम भुगतान मिलने की बात कही। साथ ही कहा कि जवाब नहीं चाहिए। जवाब भाजपा वाले लेते हैं। इस पर पार्षद गौड़ ने कहा कि उन्हें तो सिर्फफोटो खिंचाना था। शर्मा ने कटाक्ष किया कि भाजपा सदन में नेताविहीन है। इस पर गौड़ ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता हमारा लीडर है। हमारे यहां पीएम वंश से नहीं बल्कि काबिलियत से बनते हैं।

उप महापौर ने की पट्टे देने की पहल

सदन में नोंक-झोंक के बीच उप महापौर गिरीश चौधरी ने कहा कि कुछ कमियां औरा कुछ अच्छाई हर जगह होती हैं। उन्होंने नसीहत दी कि अच्छा और सौम्य बोलें। उन्होंने कच्चा डंडा के वाशिंदों को पट्टा देने के लिए रूपरेखा तैयार करने की बात कही, जिससे निचले तबके के लोगों को लाभ मिले। इस पर सदन ने सहमति जताई।

मैं सेवर से बोल रही हूं

शहर के वार्ड नंबर 11 की पार्षद चन्द्रकला ने अपनी बात सदन के बीच अनोखे ढंग में रखीं। माइक हाथ में लेते ही उन्होंने कहा कि 'मैं सेवर से बोल रही हूं। मतलब वह सेवर क्षेत्र से चुनी गई पार्षद हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड में गंदा पानी समस्या बना हुआ है, नाले साफ नहीं होने से गंदा पानी बाजारों में भर गया है। इससे लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतें हो रही हैं।

आप तनाव में मत आओ

पार्षद किशोर सैनी ने महापौर से कहा कि आप तनाव में मत आओ। कुछ लोग यही चाहते हैं। आप साल भर पहले आए हैं। ऐसे में सांडों को आप तो साथ लाए नहीं हैं और ऐसा भी नहीं है कि पहले सांड परमिट लेकर घूमते हों और अब आवारा घूम रहे हैं। कुछ लोग यही चाहते हैं कि आप तनाव में आओ, लेकिन आप तनाव में मत आइए। इस पर सदन अपनी हंसी नहीं रोक पाया।

यह रहा एजेंडे में शामिल

निगम की स्वयं की अर्जित आय से पार्षदों का मानदेय 6 हजार रुपए करने, जमादार के पद को बिना सेलरी स्ट्रक्चर में परिवर्तन किए अपग्रेड कर वार्ड इंस्पेक्टर पद सृजित करने, सफाई निरीक्षक को जोन निरीक्षक बनाने, व्यापक ड्रेनेज सिस्टम के लिए ऋण लेने, निगम के आय स्त्रोत विकसित करने को पीपीपी मॉडल का उपयोग करने, सरकारी आवास तथा मॉन्टेसरी शिक्षा के लिए भवन निर्माण कराने, ठेकेदारों के रजिस्टे्रशन पर लगी रोक हटाने, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र के लिए रंगीन प्रिंटिग मशीन की व्यवस्था, नियमन पट्टा जारी करने, पानी की लाइन बिछाने, वीसीआर जारी करने को रिलेवेंट प्रावधान अमल में लाने आदि पर चर्चा हुई।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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