भरतपुर . दफ्तर-दफ्तर चक्कर। जनसुनवाई में गुहार। कलक्ट्रेट के सामने धरना और इच्छा मृत्यु की मांग पर भी सरकार सोई रही तो शनिवार को अनुकम्पा नियुक्ति पाने के लिए प्रिंस नगर निवासी युवक सुबह 8 बजे नई मंडी स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन युवक नौकरी की मांग पर अड़ा रहा। बाद में केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे और युवक को नीचे उतरने को कहा। इस पर युवक करीब पांच घंटे बाद नीचे उतर आया।
युवक राधेश्याम उर्फ गौरव ने टंकी से नीचे उतरते ही केबिनेट मंत्री सिंह के पैर छुए और अनुकंपा नियुक्ति दिलाने की गुहार लगाई। इस पर मंत्री ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। टंकी से नीचे उतरने पर मंत्री सिंह ने युवक से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से माफी मंगवाई और उसे घर भेज दिया। इससे पहले युवक के टंकी पर चढऩे की सूचना पर एसडीएम देवेन्द्र सिंह परमार, सीओ सिटी नगेन्द्र सिंह, कोतवाली थाना इंचार्ज दिनेश कुमार और नागरिक सुरक्षा की टीम के जवान बचाव सामग्री लेकर टंकी के नीचे पहुंचे और जाल फैला दिया। पुलिस अधिकारियों ने माइक और लाउड स्पीकर से युवक राधेश्याम से नीचे उतरने की अपील की, लेकिन युवक ने कहा कि जब तक राज्य सरकार मुझे अनुकंपा नियुक्ति नहीं देगी, तब तक मैं टंकी से नीचे नहीं आऊंगा। सुबह करीब 1.30 के करीब केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह को युवक के टंकी पर चढऩे की सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंचे। मंत्री ने माइक अपने हाथ में लेकर कहा कि ‘गौरव, देख मैं बूढ़ा आदमी हूं, हार्ट का पेशेंट हूं। मैं सीढिय़ां नहीं चढ़ सकता, ऊपर आऊंगा तो दिक्कत हो जाएगी। नीचे आजा। मंत्री के इतना कहते ही युवक राधेश्याम उर्फ गौरव तुरंत नीचे आया और मंत्री के पैर छुए। इस पर मंत्री ने युवक से कहा कि नौकरी मिल जाएगी, तसल्ली रख। किसी पर विश्वास रखा कर। ऐसी गलती आइंदा मत करना। अब हाथ जोडकऱ पूरे प्रशासन से माफी मांग। इस पर युवक ने पुलिस अधिकारियों से माफी मांगी। सूचना पर जलदाय विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।