
VIDEO#...साहब मंत्री जाहिदा को सच बताया, लेकिन उन्हें बुरा लग गया!
भरतपुर (कामां). दो दिन पहले जिले के कामां के गांव नंदेरा में महिलाओं ने राज्यमंत्री जाहिदा खान का काफिला रोका...लेकिन इस काफिले को रोकने के बाद अब सियासत गर्मा गई है। जहां मंत्री गुट इसे सिर्फ सरपंच का विरोधी गुट घोषित कर सच दबाने की कोशिश में जुटा तो वहीं उस गुट को दबाने के लिए अतिक्रमण नाम का शस्त्र भी छोड़ दिया है। पत्रिका रिपोर्टर ने सोमवार को गांव नंदेरा में जाकर पड़ताल की तो सच सामने आया। इसको लेकर दोनों गुटों से हुई बातचीत में विरोधाभास भी सामने आया। पढिय़े विशेष रिपोट...
...र्हमें क्या पता था कि गांव की गंदे पानी की आम समस्या से राज्यमंत्री को अवगत कराना इतना भारी पड़ जाएगा कि हमारे पुस्तैनी मकानों का तोडऩे के लिए पीला पंजा चलाने की तैयारी हो जाएगी। हमने तो बस अपनी पीड़ा से राज्यमंत्री को अवगत कराया था। यह कहना है कामां पंचायत समिति की ग्राम पंचायत नंदेरा के ग्रामीणों का। उन्होंने बताया कि गंदे पानी की समस्या को झेलते हुए करीब चार वर्ष हो गए हैं। इस पीड़ा को न तो सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सुना और न ही राज्यमंत्री ने। पीड़ा सुनाने का परिणाम इतना बड़ा होगा, वे सोच भी नहीं सकते।
कामां विधायक एवं राज्यमंत्री जाहिदा खान गत 20 नवम्बर को गांव नंदेरा में अल्पसंख्यक बालिका आवासीय छात्रावास का शिलान्यास करने को पहुंची तो गांव नंदेरा की महिलाओं ने उनका रास्ता रोककर पिछले चार वर्ष से आम रास्ते में जमा गंदे पानी की निकासी को लेकर समस्या से अवगत कराया था। दूसरे दिन समस्या से अवगत कराने वाले ग्रामीणों के घरों पर सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से घरों की पैमाइश कर अतिक्रमण हटाने का नोटिस दे दिया, इससे गांव में राज्यमंत्री व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की इस कार्य प्रणाली को रोष व्याप्त है।
चार वर्ष से झेल रहे है इस दंश को
गांव नंदेरा निवासी जुबेर पुत्र समी खां ने बताया कि नंदेरा के बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग से गुंडगांव की ओर जाने वाले मार्ग पर गंदा पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को चार वर्ष से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। इसको लेकर गत दिनों राज्यमंत्री जाहिदा खान का रास्ता रोककर समस्या से अवगत कराया था।
...अपनी गल्तियां ग्रामीणों पर डाली
ग्रामीणों की ओर से द्वारा गंदे पानी की मांग के बाद दूसरे दिन प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीण इसे राज्यमंत्री की बदले की भावना की कार्रवाई बता रहे हैं। ग्रामीण शमशेर खान ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की ओर से गांव नंदेरा निवासी सरूपा पुत्र चैन खान, शरीफ पुत्र इस्लाम, आजाद पुत्र इस्लाम, जाहुल खान, सलीम पुत्र हसन मोहम्मद, फकरू पुत्र हसन मोहम्मद, आमीन पुत्र सट्टर, सद्दाम पुत्र सट्टर, शब्बीर पुत्र ईसब, अजरू पुत्र ईसब, जुबेर पुत्र समी खान व मुस्ताक पुत्र मोहम्मद खान सहित अन्यों के मकानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें अतिक्रमण करार दे दिया है।
नेताओं को निर्माण के चंद का सहारा
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता दुलीचंद मीणा ने मंगलवार दोपहर को गांव नंदेरा पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता करते हुए गंदे पानी निकासी के लिए सुझाव मांगे। ग्रामीणों ने सड़क के किनारे पड़े एक खाली भूखण्ड में जेसीबी की मदद से गंदे पानी को निकलवा दिया। उन्होंने बताया कि सड़क का शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-हमने तो राज्यमंत्री के सामने गंदे पानी के निकासी व सड़क को लेकर उनको रोककर अवगत कराया था। जब समस्याओं को जनप्रतिनिधि ही नहीं सुनेंगे तो समस्याओं का निराकरण कैसे होगा। समस्या से अवगत कराना इतना भारी पड़ जाएगा, यह हमको मालूम नही था।
जुबेर खान, गांव नंदेरा
-सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से जो अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। उन पर निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की जाए। यदि द्वेषभावना से निर्माण तोड़े गए तो इसका विरोध किया जाएगा। समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के सामने रखना कोई गलत बात नहीं है।
अजरू खान नंदेरा
-गांव नंदेरा के आम रास्ते में भरे गंदे पानी को निकलवा दिया गया है। रास्ते को चालू करा दिया गया है। अब शीघ्र ही इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसे लेकर मंगलवार को निरीक्षण भी किया गया था।
दुलीचंद मीणा, अधिशाषी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कामां
जाहिदा खान: विरोध करने जैसी बात गलत
स्थानीय विधायक एवं राज्य मंत्री जाहिदा खान ने अपना बयान जारी करते हुए कहा है कि ग्रामीणों ने अपनी समस्या से अवगत कराया है। विरोध करने जैसी बात बिल्कुल गलत है। राज्यमंत्री जाहिदा खान ने कहा कि गांव नंदेरा के आम रास्ते में गंदे पानी की समस्या थी। इसके बारे में ग्रामीणों ने अवगत कराया था। शिलान्यास कार्यक्रम में जाने के दौरान उसी रास्ते से निकल कर गए, इससे की समस्या के बारे में पता चल सके। रास्ते में गांव की महिलाओं से भी मुलाकात की और उन्होंने गंदे पानी की समस्या से अवगत कराया था। इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता दुलीचंद मीणा को निर्देश दे दिए गए।
Published on:
22 Nov 2022 09:26 pm
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