भरतपुर . अस्थिर सरकारों के समय जिस दौर से देश गुजरा उससे सभी भलीभांति परिचित हैं, लेकिन अब बहुमत की सरकार ने महान भारत को दबंग रूप दिया है। इससे कुछ लोगों का हाजमा बिगड़ रहा है। पूरे 30 साल बाद स्थाई सरकार ने अस्थाई धारा 370 को चलता किया। प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के वक्त यह धारा टेम्परेरी थी। उनका सोचना था कि यह धीरे-धीरे घिस जाएगी, लेकिन इसने देश को ही घिस दिया। इसके चलते कश्मीर में मौलिक अधिकारों का हनन हुआ, लेकिन आज कश्मीर अमन-चैन के रास्ते पर है। यह बात उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कही। धनखड़ मंगलवार को बार एसोसिएशन की ओर से महाराजा सूरजमल सभागार में हुए अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मैं कोई भी बात राजनीतिक रूप से नहीं कह रहा हूं, लेकिन किसी भी निर्णय में देश हित का सर्वोपरि है। करीब 50 मिनट के भाषण में धनखड़ ने देश दुनिया में नाम कमाने के लिए पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह एवं सिद्धांतों के लिए जन्म जयंती पर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का जिक्र किया। धनखड़ ने कहा कि किसी जमाने में हमें अपना सोना तक गिरवी रखना पड़ा था, लेकिन आज देश की तस्वीर बदली है। किसानों के खातों में सीधा पैसा पहुंच रहा है। यह बदलाव की बड़ी तस्वीर है। दुनिया के नेता इसे करिश्मा के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र की रक्षा और कानून का राज स्थापित करने में वकील समुदाय की सशक्त भूमिका है। मैं वकील होने के नाते भरतपुर को कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने कहा कि सडक़ों पर आकर न्याय मांगने की प्रवृति को बदलना जरूरी है। नए कानून भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने भरतपुर के कई वकीलों का नाम लेते हुए अपने पुराने अनुभव शेयर किए। इस दौरान उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ एवं बार एसोएिशन के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार गौतम मंचासीन रहे। अतिथियों का स्वागत रंजना सिनसिनवार, रूपेन्द्र उपाध्याय, प्रेम सिंह सैनी, पवन कौंतेय एवं विजय फौजदार ने किया। इस मौके पर एडवोकेट दीपक मुदगल आदि मौजूद रहे।