भरतपुर . ब्रज की रज में शीश झुकाते ही जुबां राधे-राधे रटने लगती है। यह यहां की मिट्टी की खासियत है। यूं तो हर मिट्टी की सौंधी खुशबू मन को प्रफुल्लित कर देती है, लेकिन ब्रज की माटी की बात ही निराली है। इस धरा पर पग पड़ते ही मन भक्ति में रम जाता है। राधा नाम की तो ब्रज ही नहीं पूरी दुनिया दीवानी है। यही वजह है कि यहां लोग खिंचे चले आते हैं। मैं पिछले नौ साल से ब्रज की माटी से जुड़ी हूं। मेरा मन भी यहां रम गया है। यह बात मथुरा सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी ने पत्रिका से खास बातचीत में कही।
मेरा सौभाग्य है कि मुझे मथुरा सीट से सांसद बनने का मौका मिला। यहां की भक्ति से मुझे शक्ति मिलती है। यही वजह है कि मैंने अपने मन से इस भक्ति के ‘वृंदावन’ को देखा है। मथुरा से लगातार दूसरी बार सांसद बनी हेमामालिनी अपने नौ साल के कार्यकाल में यहां खूब रची-बसी हैं। अब वह इस पर एक किताब भी लिख रही हैं, जिसका नाम ‘छल, मन वृंदावन’ है। इसमें हेमा मालिनी ने खुद के मन में समाए वृंदावन का वर्णन किया है। यह किताब हेमामालिनी के मन के वृंदावन की बात करेगी। सांसद ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सब जगह हैं और सबके मन में बसे हुए हैं।