
सालों से था पट्टों का इंतजार, अब मिले तो चेहरे खिले
भरतपुर. मोहल्ला गोपालगढ़ निवासी 80 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग दंपती बाबूलाल एवं प्रेमवती देवी ने स्टेट ग्रान्ट एक्ट के तहत् पट्टा चाहने के लिए नगर निगम में पूर्व में आवेदन किया था। कुछ समय बाद बाबूलाल की मृत्यु हो गई तथा पत्रावली लिपिक के स्थानान्तरण एवं बाबूलाल की मृत्यु हो जाने के कारण पत्रावली की प्रक्रिया रुक गई।
प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान पूर्व पत्रावलियों का परीक्षण किया गया। इसमें उक्त पत्रावली पर लिखे मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया गया, जिस पर उनकी पत्नी प्रेमवती ने मोबाइल उठाया तथा अपनी पति की मृत्यु के बारे में बताया। चूंकि प्रेमवती काफी बुजुर्ग थीं, कार्यालय में बार-बार नहीं आ सकती थी। नगर निगम आयुक्त ने ऐसी पत्रावलियों के वरीयता दी तथा प्रेमवती को पट्टा दिलाने का पूरा भरोसा दिलाया। अब प्रेमवती को पट्टा मिल गया। प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 की शुरुआत नगर निगम परिसर से शनिवार को की गई। आयुक्त नगर निगम कमल राम मीना ने बताया कि दो अक्टूबर 2021 को नगर निगम प्रांगण में नगर निगम की ओर से 452 व्यक्तियों के पट्टे जारी किए गए तथा 51 व्यक्तियों पट्टे बांटे गए। नाम हस्तांतरण, उप-विभाजन, नाम संशोधन पट्टा नवीनीकरण के कार्य किए गए। पट्टा वितरण समारोह में प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल, संभागीय आयुक्त पीसी बेरवाल, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, मेयर अभिजीत कुमार, डिप्टी मेयर गिरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष कपिल फौजदार आदि उपस्थित थे।
40 वर्ष से काबिज, फिर भी नहीं मिल रहे पट्टे
भरतपुर . नगर निगम में प्रशासन शहरों के संग अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में सरकार की ओर से आए प्रभारी भरतपुर प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल एवं जिला कलक्टर भरतपुर को कच्चा परकोटा नियमन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमण्डल ने ज्ञापन देकर शहर के चारों ओर के कच्चे परकोटे की गैर मुमकिन भूमि पर परम्परागत रूप से 40 वर्ष पूर्व से काबिज लोगों को पट्टे देने के लिए अलग से गाइड लाइन जारी करने तथा बी-नारायण गेट स्थित धीमर बस्ती को कच्ची बस्ती से निकालकर स्टेट ग्रान्ट के तहत पट्टे देने की मांग की गई।
स्ंाघर्ष समिति की ओर से पूर्व नेता प्रतिपक्ष इन्द्रजीत भारद्धाज ने अवगत कराया कि शहर के कच्चे परकोटे पर काबिज लगभग दो हजार परिवारों को नगर निगम की ओर से पट्टे देने के लिए शामिल नहीं किया है न ही सरकार की ओर से कच्चे परकोटे के पट्टे देने के लिए आदेश-निर्देश एवं गाइड लाइन अलग से चिह्नित कर जारी नहीं की गई है। नगर निगम की ओर से कच्चे परकोटे पर काबिज लोगों से आवेदन भी नहीं लिए जा रहे हैं, जबकि भरतपुर प्रवास के दौरान सात अगस्त को स्वायत्त शासन मंत्री ने समिति को आश्वासन दिया था कि प्रशासन शहरों के संग अभियान में कच्चे परकोटे पर काबिज लोगों को रियायती दरों पर नियम कानून एवं मापदण्डों में शिथिलता देते हुए पट्टे दिए जाएंगे, लेकिन सरकार की ओर से जारी की गई गाइड लाइन में कच्चे परकोटे के पट्टे देने के प्रकरण को अभी तक शामिल नहीं किया गया है। समिति ने ज्ञापन में परकोटे के निवासियों को पट्टे देने के लिए गाइड लाइन जारी नहीं होने तथा नगर निगम द्वारा पट्टे के लिए आवेदन नहीं लेने, सरकार की भेदभाव एवं पक्षपातपूर्ण कार्रवाई पर रोष जताया। समिति ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि कच्चे परकोटे पर काबिज परिवारों को योजना से पट्टे देने की कार्रवाई से वंचित रखा गया तो शहर मुख्यालय पर पट्टे लेनेे की मांग को लेकर गांधीवादी तरीके से धरना प्रदर्शन और आन्दोलन किया जाएगा। इस दौरान समिति के संयोजक जगराम धाकड़, उप संयोजक श्रीराम चंदेला, श्रीकृष्ण कश्यप, पार्षद चतरसिहं सैनी, पार्षद भूपेन्द्र पण्डा, पार्षद मुकेष पप्पू, ओमप्रकाश शर्मा, राजकुमार शर्मा, समन्दर सिंह, नसीर खान, मानसिंह सागर, अशोक कुमार, राजवीर सिंह चौधरी, विजय सिंह, कालूराम, सरदार भगत सिंह, हरीसिंह, राधेश्याम शर्मा, पुरुषोत्तम, बनय सिंह, किशनलाल हवलदार एवं प्रहलाद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
Published on:
03 Oct 2021 09:00 am
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