
बजरी माफिया: जल्दी खाली कर दे, फिर आ जाएंगे कुछ न कुछ मांगने
भरतपुर. पुलिस, खनिज विभाग, वन विभाग के अफसर भले ही धौलपुर से आ रही चंबल की अवैध बजरी की निकासी पर प्रतिबंध का दावा कर रहे हैं, लेकिन असल में सच यह है कि चंबल की अवैध बजरी का यह खेल विभागों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बनकर रह गया है। यही कारण है कि थाने और चौकियों के सामने माफिया बड़ी आसानी से चंबल की अवैध बजरी का परिवहन कर रहा है। गुरुवार को हीरादास के पास बजरी से भरी ट्रेक्टर-ट्रॉलियां खाली कर रहे चालकों के सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने सवाल खड़ा कर दिया। उल्लेखनीय है कि एकमात्र राजस्थान पत्रिका ने सबसे पहले 24 जून को टेंशन मत लेना...पुलिस का हर महीने हिसाब करते हैं, सामने से होकर घर तक चंबल बजरी पहुंचेगी शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने छिटपुट कार्रवाई भी की थी, लेकिन सांठगांठ के सिस्टम के चलते फिर से यह कारोबार चलने लगा।
जानकारी के अनुसार सर्वोच्च व उच्च न्यायालय ने भले ही नदी-नालों से बजरी खनन पर रोक लगा रखी है लेकिन फिर भी जिले में चोरी-छिपे बजरी का परिवहन जारी है। जिले में यह बजरी धौलपुर, सवाईमाधोपुर व दौसा की ओर से परिवहन कर लाई जा रही है। इसका अंदाजा इससे सहज ही लगाया जा सकता है कि बजरी खनन पर रोक के बाद से ही धौलपुर से चंबल की बजरी आसानी से आ रही है। वायरल वीडियो में कुछ ट्रेक्टर चालक बजरी से भरी ट्रॉलियां खाली कर रहे हैं। इनमें से दो ट्रॉलियों में बजरी होने का दावा किया गया है। एक चालक की आवाज भी आ रही है कि आज देर हो गई है, जल्द खाली कर दे भाई, वरना फिर मांगने आ जाएंगे।
इस तरह चल रहा चंबल की अवैध बजरी की निकासी का खेल
धौलपुर सीमा से यूपी बॉर्डर क्रॉस करने के बाद भरतपुर की सीमा में प्रवेश हो जाएगा। इसके बाद घाटौली पुलिस चौकी, रूपवास थाना, गहनोली मोड पुलिस चौकी, ऊंचा नगला चौकी पड़ती है। यहां कोई नहीं रोकता। कुछ मामले ऐसे भी सामने आ चुके हैं कि अगर उत्तरप्रदेश पुलिस कार्रवाई करती है तो राजस्थान पुलिस चुप्पी साधकर बैठ जाती है। इसमें पुलिस के ही कुछ लोगों के शामिल होने की बात भी सामने आती रही है।
Published on:
16 Jul 2021 03:38 pm
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