22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नहीं सुनी समस्या तो महिलाएं चढ़ गई पेयजल टंकी पर, मचा हड़कंप

. भुसावर उपखंड की ग्राम पंचायत पथैना में नियमित जल सप्लाई नहीं होने से गुस्साई महिलाओं ने शुक्रवार को पेयजल टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया।

2 min read
Google source verification
नहीं सुनी समस्या तो महिलाएं चढ़ गई पेयजल टंकी पर, मचा हड़कंप

नहीं सुनी समस्या तो महिलाएं चढ़ गई पेयजल टंकी पर, मचा हड़कंप

भरतपुर. भुसावर उपखंड की ग्राम पंचायत पथैना में नियमित जल सप्लाई नहीं होने से गुस्साई महिलाओं ने शुक्रवार को पेयजल टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। सूचना पर वैर से जलदाय विभाग के सहायक अभियंता करन मीना और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह तथा खेड़ली मोड़ पुलिस चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाइश की। अधिकारियों ने जलदाय विभाग के ठेकेदार के व्यक्ति के मौके पर बुलाया और गांव में अधूरी पड़ी पाइप लाइन को पूरा करने के अलावा गांव में बिना ज्वाइंट के पड़ी लाइन को जोड़ कर नियमित सप्लाई करने के निर्देश दिए। जिस पर महिलाएं नीचे उतरने पर राजी हुई। महिलाओं ने बताया कि गांव में जलदाय विभाग की ओर से पानी की पाइप लाइन अधूरी पड़ी हुई हैं। जिनका अभी तक मिलान जलदाय विभाग के ठेकेदार की ओर से नहीं किया है। गांव में जलदाय विभाग की ओर से नियमित पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। जिसके कारण गांव में पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।


ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन

कुम्हेर पंचायत समिति के विकास अधिकारी की कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार उम्मेद सिंह को सौंपते हुए उसे मूल विभाग में भेजने की भी मांग को लेकर प्रदर्शन किया। लखन पैघोर ग्राम पंचायत के उप सरपंच प्रतिनिधि दुर्गेश सिंह ने बताया कि विकास अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी द्वारा ग्रामीणों को जानबूझकर कर परेशान किया जा रहा है। वही ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणो को रोजगार देने वाली मनरेगा योजना को भी ग्राम पंचायत में बन्द कर रखा है जिससे ग्रामीणों को आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने विकास अधिकारी के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि पंचायत समिति कार्यालय में भी ग्रामीणों को आने तक नहीं देते है न ही उनके कार्यों को किया जाता हैं। ग्रामीणों ने ज्ञापन में विकास अधिकारी को उसके मूल विभाग पशुपालन में भी भेजे जाने की भी मांग की।