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राजस्थान के इस सांसद के नाम नया कीर्तिमान, सबसे कम उम्र में पहुंचेंगी लोकसभा, ले लिया हार का बदला

Sanjna Jatav Youngest Sansad : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले में सेंधमारी करते हुए 26 साल की संजना जाटव ने लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया है।
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भरतपुर

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Kirti Verma

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Updated: 7 Jun 2024, 9:59 AM IST

Sanjna Jatav Youngest Sansad : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले में सेंधमारी करते हुए 26 साल की संजना जाटव ने लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया है। संजना ने करीब 51 हजार वोटों से बीजेपी के रामस्वरूप कोली को शिकस्त दी। भरतपुर में कांग्रेस की जीत के बाद कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। संजना जाटव को कुल 579890 वोट मिले। जबकि रामस्वरूप कोली 527907 वोटों मिले। ऐसे में जीत का अंतर 51983 वोटों का रहा।

सबसे कम उम्र में लोकसभा पहुंचेंगी संजना
भरतपुर से चुनाव जीतने वाली कांग्रेस की संजना जाटव महज 26 साल की हैं। संभवतया वह सबसे कम उम्र की लोकसभा में पहुंचने वाली सांसद होंगी। संजनालोकसभा से पहले कठूमर विधानसभा चुनाव भी लड़ी थीं, उस समय कठूमर से भाजपा प्रत्याशी रमेश खींची को 79 हजार 756 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस की संजना जाटव को 79 हजार 347 वोट मिले थे। ऐसे में उनकी मात्र 409 मतों से हार हुई थी। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में उन पर दांव खेला और उनके सिर जीत का सेहरा बंधा। संजना एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं।

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पीहर-ससुराल ने मनाया जीत का जश्न
कांग्रेस की टिकट पर विजयी हुई संजना जाटव का पीहर और ससुराल दोनों में ही जनता ने सम्मान रखा। संजना जाटव अलवर जिले के कठूमर तहसील के गांव समूंची की रहने वाली हैं। इनका पीहर भरतपुर जिले के भूसावर में है। संजना जाटव के पति राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल हैं। लोकसभा चुनाव में उनकी जीत के बाद ससुराल और पीहर पक्ष दोनों ने खूब जीत का जश्न मनाया गया।

जीत के बाद पत्रिका के साथ इंटरव्यू में कही ये बात
विकास की बात मेरे जेहन में है। मैंने गांव-गांव प्रचार के दौरान घूमकर देखा है। आज भी जिला विकास के पायदान पर बहुत ज्यादा ऊपर नहीं है। मैं जिले की आवाज को लोकसभा में बुलंद करने का काम करूंगी। यह बात कांग्रेस से विजयी हुईं संजना जाटव ने कही। संजना ने कहा कि गरीब और दलित परिवार की बेटी को जनता-जनार्दन का आशीर्वाद मिला है। ऐसे में मेरा फर्ज बनता है कि मैं इनकी आवाज को देश की सबसे बड़ी संसद में बुलंद करूं।

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उन्होंने कहा कि यहां बेरोजगारी और डांग में विकास कार्य नहीं होना मुख्य समस्या हैं, जिन्हें मैं दूर करने का प्रयास करूंगी, ताकि लोग यहां से पलायन नहीं करें। संजना ने कहा कि मैं केन्द्र में जाटों को आरक्षण के लिए भी पैरवी करूंगी। संजना ने चिकित्सा के क्षेत्र में भी काम करने के अलावा ईआरसीपी के मुद्दे को उठाकर लोगों को पेयजल एवं सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के साथ यहां उद्योग धंधों के लिए पैरवी करने की बात कही। संजना ने जीत का श्रेय जनता-जनार्दन के साथ पूर्व केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह को दिया।