
जिगजैग की उलझन में ईंट भट्टा व्यापारी, आज आ सकता है फैसला
भरतपुर. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देख ईंट भट्टों पर जिगजैग तकनीकी से भट्टा संचालन के निर्देश जारी किए। जिलें में संचालित ईंट भट्टा व्यापारियों ने आनन-फानन में लाखों रुपए खर्च कर जिगजैग तकनीकी भी लगाना शुरू कर दिया। लेकिन, प्रदूषण विभाग की ओर से जिगजैग भराई, नक्शा व ड्राइंग उपलब्ध नहीं होने के चलते ईंट भट्टा पर जिगजैग तकनीकी का संचालन शुरू नहीं हो पाया।
ईंट भट्टा व्यापारियों ने कई बार प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को जिगजैग तकनीकी की जानकारी व नक्शा उपलब्ध कराने एवं श्रमिकों को प्रशिक्षित करने की मांग की। लेकिन, खास बात है कि विभागीय अधिकारियों ने स्वयं के आदेश के बावजूद चुप्पी साध रखी। ईंट भट्टा संघ के कार्यकारी अध्यक्ष रामवीर देशवाल ने बताया कि जिगजैग तकनीकी के उपयोग के लिए प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को कई बार जिगजैग भराई व ड्राइंग-नक्शा उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा। मौखिक रूप से भी अधिकारियों को अवगत कराया। लेकिन, अभी तक तकनीकी की कोई जानकारी नहीं दी गई।
एनसीआर मे सात हजार ईंट भट्टा प्रभावित
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली के निर्देश से एनसीआर में शामिल करीब 7 हजार ईंट भट्टा प्रभावित हुए। अधिकांश ईंट भट्टों पर करीब चालीस लाख रुपए खर्च कर जिगजैग तकनीकी लगाई गई। लेकिन, श्रमिक व व्यापारियों को प्रशिक्षण अभाव व पूर्ण जानकारी नही होने के चलते भट्टा संचालन में जिगजैग तकनीकी का उपयोग नही होता दिख रहा।
एक-दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी
जिगजैग तकनीकी को लेकर ईंट भट्टा व्यापारी प्रदूषण विभाग के अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगा रहे। दूसरी ओर 'पत्रिकाÓ ने प्रदूषण विभाग के रीजनल अधिकारी एच.आर.कसाना व कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी सत्यभान सिंह से बातचीत की। जहां एक बार दोनों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी बताते हुए चुप्पी साध ली। बाद में दोनों अधिकारियों ने फोन रिसीव तक नहीं किया।
Published on:
18 Dec 2019 11:24 am
बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
