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108 में फोन लगाया तो एंबुलेस ढो रहा था सामान, समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से मरीज की मौत

ग्राम असोगा के मरीज की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सहायता के लिए 108 संजीवनी एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन व्यस्त बताया गया।
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भिलाई

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Dakshi Sahu

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Updated: 12 Aug 2018, 10:26 AM IST

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108 में फोन लगाया तो एंबुलेस ढो रहा था सामान, समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से मरीज की मौत

भिलाई/रानीतराई . शनिवार सुबह ग्राम असोगा के मरीज की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सहायता के लिए 108 संजीवनी एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन व्यस्त बताया गया। इसके बाद परिजन अपनी व्यवस्था से उसे पाटन स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां इलाज के दौरान दवाई देकर चलता कर दिया।

रास्ते में तबीयत बिगड़ गई

अस्पताल से इलाज करा का वापस लौट रह था मरीज तभी रास्ते में तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। 108 समय पर पहुंचती तो मरीज की जान बच सकती थी। लचर व्यवस्था के चलते यह घटना घटी। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम असोगा के बिसरू चतुर्वेदी (40) की आज सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी। 108 के नहीं पहुंची।

मोटर साइकिल से पाटन के शासकीय अस्पताल ले गए

जिसके बाद मरीज के बेटे उसे मोटर साइकिल से पाटन के शासकीय अस्पताल ले गए। वहां मामूली जांच के बाद कुछ दवाई देकर वापस भेज दिया गया। जब मरीज को लेकर घर लौट रहे थे, उस समय पाटन से पांच किलोमीटर की दूरी पर ग्राम तेलीगुंडरा के पास इस मरीज की तबीयत बिगड़ी।

102 वाहन में सामानों की सप्लाई करते हुए देखा गया

सीने में दर्द शुरू हुआ। स्थिति बेहद खराब हो गई। अस्पताल ले जाने के लिए 108 वाहन को फोन किया गया, लेकिन व्यस्त बताया गया। जैसे-तैसे परिजन निजी वाहन से सरकारी अस्पताल पाटन ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पाटन के 102 वाहन में सामानों की सप्लाई करते हुए देखा गया। जिसका वीडियो वायरल हुआ है।

मरीजों को वाहन नहीं मिल रहा

जानकारी के अनुसार 102 वाहन में कुछ सामानों की ढुलाई के बाद पाटन के बस स्टैंड के पास खाली किया गया जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारी भी थे। बस स्टैंड पर उपस्थित एक व्यक्ति ने वाहन से सामान उतारते हुए वीडियो बना लिया। कहने लगा कि समय पर मरीजों को वाहन नहीं मिल रहा है और यहां सामानों की ढुलाई की जा रही है।