
छत्तीसगढ़ में हर दिन चढ़ रहा पारा ( Photo - AI )
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में गर्मी का सितम शुरू हो गया है। 10 बजते ही सूरज की तपिश बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं दोपहर में घर से बाहर निकला मुश्किल हो गया है। ऐसे में हीट वेव को लेकर संभावना बढ़ गई है। बता दें कि दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर संभाग के जिलों में हर दिन पारा बढ़ने से मार्च में ही भीषण गर्मी पड़ रही है। वहीं आने वाले दिनों में बादल साफ रहने से पारा और बढ़ने के आसार है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले सात दिनों तक बदलाव के आसार नहीं है।
दुर्ग जिले में गुरुवार को जहां दोपहर का तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शुक्रवार को यह बढकऱ 36.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं आज 36.6 के पार जाने की संभावना है। इधर राजधानी रायपुर में भी यही हाल है। शहर का पारा दोपहर में 36 डिग्री के पार चला गया। बता दें कि प्रदेश के मैदानी इलाकों में लगातार तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है।
मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा के अनुसार आठ मार्च तक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में इस बार जिले में मार्च से ही तेज गर्मी का अहसास होने लगा है। सुबह और शाम को महसूस होने वाली हल्की ठंडक भी अब कम होती जा रही है। शाम के समय घरों के भीतर हल्की उमस महसूस होने लगी है। इसके चलते लोगों ने अभी से अपने घरों और दफ्तरों में कूलर और पंखों का उपयोग शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के मध्य तक तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला अस्पताल दुर्ग में हीट वेव (लू) से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष तैयारी की गई है। अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में लू प्रबंधन कक्ष और लू वार्ड स्थापित करते हुए छह बिस्तर, 2 बड़े बाथटब और आइस मेकिंग रेफ्रिजरेटर आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा जिला मुख्यालय के साथ-साथ विकासखंड स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों में भी लू से बचाव व उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके लिए चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ विशेष टीम गठित की गई है और एंबुलेंस और आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है।
कलेक्टर दुर्ग के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में आईडीएसपी के नोडल अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी के कारण अप्रैल से जून के दौरान भीषण गर्मी और हीट वेव की स्थिति बनती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अग्रिम तैयारियां की हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में क्लोरीन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर, ओआरएस पैकेट, एंटीबायोटिक्स, एंटीएमेटिक्स, एंटी मलेरियल्स और आईवी फ्लूइड्स सहित आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। एंटी स्नेक वेनम व एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
Updated on:
07 Mar 2026 04:43 pm
Published on:
07 Mar 2026 04:40 pm
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