
अफीम की खेती ( Photo - Patrika )
Opium Farming in CG: दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा के नेतृत्व में जेवरा-सिरसा चौकी पुलिस और एसीसीयू टीम ने छापेमारी कर खेत को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में करीब एक एकड़ क्षेत्र में खेती की बात सामने आई थी, लेकिन अब इसके लगभग पांच एकड़ तक फैले होने की आशंका जताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि मक्का की फसल के बीच अफीम के पौधे छिपाकर उगाए गए थे। पुलिस ने बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार, उसके भाई विकास ताम्रकार और राजस्थान से आए विकास विश्नोई से पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मुख्य आरोपी अचला राम जाट की तलाश में पुलिस टीम जोधपुर रवाना हुई है।
पुलिस ने करीब पांच एकड़ खेत को सील कर दिया है। अफीम के पौधों को तुड़वाकर उनका वजन कराया जाएगा। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार खेत में करोड़ों रुपए मूल्य की अफीम हो सकती है। मामले की जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से भी कराई जाएगी और शनिवार को एनसीबी की टीम घटनास्थल का निरीक्षण करेगी।
विशेष लोक अभियोजक एनडीपीएस प्रकाश शर्मा ने बताया कि भारत में अफीम की खेती पूरी तरह नियंत्रित और लाइसेंस आधारित होती है। इसके लिए केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। यह खेती केवल मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ अधिसूचित क्षेत्रों में ही की जा सकती है। बिना लाइसेंस अफीम की खेती करना एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 19 के तहत गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।
एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि विनायक ताम्रकार का कहना है कि खेत उसका नहीं है। इसलिए तहसीलदार, आरआई और पटवारी को मौके पर बुलाया गया है। राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में खेत का निरीक्षण कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दुर्ग जिले में अवैध अफीम खेती का यह पहला मामला सामने आया है।
होलिका दहन के लिए समोदा गांव के कुछ लडके जंगल की ओर लकड़ी लेने गए थे। इसी दौरान वे एक खेत तक पहुंच गए, जहां अफीम की फसल लगी हुई थी। उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। लौटते समय उनकी नजर खेत में लगे गोल-गोल फलों पर पड़ी और उत्सुकतावश वे कुछ फल घर ले आए। अगले दिन जब वे उन फलों को तोड़ रहे थे, तभी गांव के सरपंच को इसकी जानकारी मिली।
सरपंच ने फल को देखकर संदेह होने पर गूगल में इसकी जानकारी खोजी, जिससे पता चला कि यह अफीम का फल है। इसके बाद होली के दिन ही उन्होंने थाना में सूचना दी। सूचना मिलते ही शुक्रवार की सुबह पुलिस टीम समोदा पहुंची और खेत की जांच की। नारकोटिक्स परीक्षण में अफीम की पुष्टि होने के बाद अवैध खेती का खुलासा हो गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इलाके में राजस्थान से मजदूर बुलाकर कपास, मक्का और बाजरा की खेती कराई जाती है। जानकारी के अनुसार समोदा निवासी विनायक ताम्रकार मजदूरों को काम पर लेकर आया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
मामले के खुलासे के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने तुरंत एक्शन लेते हुए विनायक ताम्रकार के खिलाफ कार्रवाई की है। पार्टी की छवि धूमिल करने के मामले में प्रदेश संयोजक राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प किसान मोर्चा विनायक ताम्रकार को सस्पेंड कर दिया।
Updated on:
07 Mar 2026 01:35 pm
Published on:
07 Mar 2026 01:35 pm
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