
दुर्ग. Chhattisgarh News : जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने निमहान्स बैंगलोर द्वारा किए गए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे के रिपोर्ट के आधार पर एक प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल दुर्ग में रोज लगभग 50 से 60 मानसिक रोगी इलाज के लिए आते है। उनमें शिजोफ्रेनिया, उदासी रोग और नशे से सम्बंधित परेशानियों से ग्रसित मरीजो की संख्या ज्यादा रहती है।
Chhattisgarh News : राज्य में लोगों का भूत-प्रेत, जादू-टोना जैसी अंधविश्वास पर ज्यादा रुझान होता है। जिसके कारण मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल आने में अक्सर देरी हो जाती है और पीड़ितों का समय पर इलाज नहीं होने से वे परिवार के लिए बोझ बनते चले जाते हैं।
जल्द खुलेगा 30 बेड का मेंटल वार्ड
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही जिला अस्पताल में मनोरोगियों के लिए 30 बेड का मेंटल वार्ड शुरु किया जाएगा। लोगों को लगता है कि मनोरोगियों का ईलाज लंबा चलता है, लेकिन ऐसा नहीं है। नियमित रुप से छ: माह से साल भर दवाई का सेवन कर मनोरोग से छुटकारा पाया जा सकता है। डॉ प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के कारण 90 प्रतिशत जनता आभासी दुनिया में जीने लगी है। यह भी मनोरोग की बड़ी वजह है।
चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
Chhattisgarh News : डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर 10 अक्टूबर को जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग द्वारा मानसिक रोग को लेकर जन जागरुकता फैलाया जाएगा। जिसके तहत मनोरोग से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक समस्याओं से छुटकारा दिलाने विभिन्न गतिविधियां करवाई जाएगी। इन गतिविधियों में पोस्टर बनाओं, रंगोली प्रतियोगिता, गायन प्रतियोगिता के अलावा अन्य गतिविधियां शामिल होंगी। इसके अलावा डीपीएस स्कूल मरोदा में सुबह 10 बजे विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए चाईल्ड मेंटल हेल्थ एंड अवेयरनेस पर कार्यशाला आयोजित किया जाएगा।
एक साल में कई गुना बढ़े मनोरोगी
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले 1 साल में जिला अस्पताल, दुर्ग में मनोरोगियों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है। खासकर युवाओं में बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, नशे का अत्यधिक सेवन, रिलेशनशिप का टूटना इत्यादि की वजह से तनाव लगातार बढ़ रहा है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में मरीजों को नि:शुल्क बेहतर उपचार दिया जा रहा है। यहां उन्हें इलाज के अलावा उनकी कॉउंसिलिंग भी की जाती है।
Chhattisgarh News : अकेले छत्तीसगढ़ में करीब 50 लाख मानसिक रोगी है। जिसमें 20 लाख मरीज सिर्फ शराब की लत की वजह से मानसिक रोगी है। इनमें से लगभग 10 से 12 लाख रोगियों को ही इलाज संभव हो पा रहा है, जबकि 40 लाख लोगों को इलाज नहीं मिल ही नहीं पा रहा है। वहीं आत्महत्या के मामले में देश में दुर्ग जिला टॉप पर है। जिले में सालाना 1 लाख व्यक्तियों में 39 व्यक्ति आत्महत्या कर रहे है, जबकि देश में यह आकड़ा 1 लाख व्यक्तियों में 12 व्यक्तियों का है। पूरे देश में आत्महत्या के मामले में छत्तीसगढ़ नंबर तीन पर है।
Published on:
08 Oct 2023 05:06 pm
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