
Anemia : छत्तीसगढ़ में 6 से 59 माह तक की 21.5 फीसदी लड़कियों में है एनीमिया, 5 % गर्भवती महिलाओं में भी पाए गए लक्षण, पढ़ें ये रिपोेर्ट
भिलाई . केंद्र सरकार ने एनीमिया मुक्त अभियान के तहत वर्ष 2022-23 का इंडेक्स जारी किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ को 83.6 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। पहले और दूसरे पायदान पर क्रमश: तेलंगाना और तमिलनाडू है, जिन्होंने 91.2 और 89.9 स्कोर किया है। इसी तरह आठ केंद्र शासित प्रदेशों का भी इंडेक्स जारी हुआ है, जिसमें राजधानी दिल्ली 31.6 की रेटिंग के साथ रेड में जोन में है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े
विशेषज्ञों के मुताबिक जब शरीर में आरबीसी की मात्रा कम होने लगती है, तो शरीर में ऑक्सीजन भी घटने लगती है और नया खून बनना बाधित हो जाता है। इसी समस्या को खून की कमी या एनीमिया या रक्ताल्पता भी कहा जाता है। महिला, बच्चे और किशोर एनीमिया से सबसे ज्यादा ग्रसित होते हैं।
इसके चलते देश को एनीमिया मुक्त करने के लिए केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2018 में एनीमिया मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की। इसके बाद से प्रत्येक वर्ष राज्यवार आंकड़े जारी किए जाते हैं, जिसमें 0 से 24.9 अंक पाने वाले राज्यों को हाई रिक्स यानी हार्ड रेड केटेगरी को रखा गया है।
25 से 49.9 अंक वालों रेड, 50 से 74.9 अंक वाले यलो और 75 से 95 बीच वालों को ग्रीन केटेगरी में रखा गया है। छत्तीसढ़ में एनीमिया की सतत मॉनिटरिंग की वजह से बीते तीन साल में प्रदेश लगातार मुक्ति की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते बीते तीन सालों में आठवें पायदान से तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।
प्रदेश में एक कैटेगरी को छोड़कर सभी आयु वर्ग में हो रहा सुधार
केंद्रीय आंकड़ों के मुताबिक 6 से 59 माह आयु वर्ग में प्रदेश को 78.5 स्कोर मिला है। इसी तरह 5 से 9 वर्ष की केटेगरी में 83.6 स्कोर, 10 से 19 वर्ष की तालुका में 95 स्कोर, गर्भवती महिलाओं के मामले में 95 स्कोर दिया है, लेकिन बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं की केटेगरी में प्रदेश को 74.4 अंक मिले हैं। इसके चलते स्कोर बोर्ड में प्रदेश को यलो जोन में रखा गया है।
यूपी-बिहार और केरल समेत 9 राज्य रेड जोन में शामिल
देश के सबसे शिक्षित राज्यों में शामिल केरल एनीमिया मुक्त अभियान में फिसड्डी साबित हुआ है। उसके अलावा यूपी, बिहार, सिक्किम, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मनीपुर को रेड जोन में रखा गया है। इसमें भी 21 व 11.8 स्कोर के साथ नागालैंड और मनीपुर राज्य हाईली रेड घोषित किए गए हैं। इसी तरह केंद्र शासित प्रदेश में दिल्ली के अलावा लद्दाख और लक्ष्यदीप भी रेड जोन में शामिल हैं।
पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश तीन साल पहले 5वें स्थान पर पहुंचा
बीते तीन सालों के आंकड़ों पर गैर करें तो छत्तीसगढ़ लगातार अपनी रैकिंग सुधारता रहा है। लेकिन सीमावर्ती राज्य मध्यप्रदेश में एनीमिया का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। तीन साल पहले तक पहले पायदान पर रहने वाला मध्यप्रदेश ताजा रैंकिंग में 5वें नंबर आ गया है। इसी तरह महाराष्ट्र की स्थिति भी अच्छी नहीं रही है। गत वर्ष 2021-22 में तीसरे स्थान पर रहा। अब सालभर बाद 2022-23 की रैंकिंग में 8वें पायदान पर पहुंच गया है।
प्रत्येक व्यक्ति में एनीमिया के अलग-अलग होते हैं लक्ष्ण
विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर एनीमिया के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं और कुछ लोगों में इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। आमतौर पर एनीमिया के लक्षण तब दिखाई देते हैं, जब आपके शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग उम्र के हिसाब से बच्चों, किशोर और महिलाओं को दवा का वितरण करता है।
Published on:
08 Aug 2023 03:21 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
