
Big Breaking: भिलाई में डेंगू से 27 वीं मौत, बीस वर्षीय युवक की थम गई सांस, प्रशासन के दावों की खुली पोल
भिलाई. डेंगू ने ली फिर भिलाई में एक युवक की जान ले ली है। बुधवार को मंगल बाजार छावनी निवासी २० वर्षीय करण यादव की डेंगू से उपचार के दौरान मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार युवक का उपचार एमएमआई नारायणा अस्पताल रायपुर में चल रहा था। 20 अगस्त को युवक को आपोलो में भर्ती कराया गया था। 21 अगस्त को रायपुर रेफर किया गया था।
इधर मंगलवार को सरस्वती की हुई थी डेंगू से मौत
छावनी के वार्ड-२८ में रहने वाली सरस्वती यादव (१७ वर्ष) ने रायपुर के बालाजी हॉस्पिटल में मंगलवार को दोपहर १२ बजे दम तोड़ दिया था। वह एसआर हॉस्पिटल में चार दिनों से भर्ती थी। सोमवार की शाम को ही यहां से रायपुर रेफर किए गए थे। मृतका के दो भाई व एक बहन भी डेंगू से पीडि़त हैं। मृतका की छोटी बहन ज्योति यादव (१५ साल) और छोटा भाई विकास यादव (१२ साल) एसआर हॉस्पिटल में दाखिल हैं।
बड़ा भाई राकेश यादव (२० साल) का जिला हॉस्पिटल दुर्ग में इलाज चल रहा था। मंगलवार को उसकी छुट्टी हुई, तब बहन की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। इधर घर में अकेली मां का रो-रोकर बुरा हाल था। घर के सभी सदस्य हॉस्पिटल में होने की वजह से, उसे संभालने वाला भी कोई नहीं था। पड़ोस में रहने वाली महिलाएं उन्हें ढांढस बंधा रही थी।
कार्रवाई : 13 निजी अस्पतालों को नोटिस
मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को 13 निजी अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किया है। उन्हें हिदायत दी है कि वे डेंगू के गंभीर मरीजों को भर्ती न करें। डेंगू के मरीजों की सूचना वे कंट्रोल रुम को दे। सीएमएचओ कार्यालय से जानकारी दी गई है कि विभाग को सूचना मिली थी कि कई अस्पताल संचालक मरीजों को भर्ती तो कर रहे हंै, लेकिन इलाज सही नहीं हो रहा है। इस वजह से डेंगू पीडि़त मरीजों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की खुली पोल
प्रशासन डेंगू से निपटने तरह-तरह के दावे कर रहा है। अस्पतालों में मुफ्त इलाज, डेंगू पीडि़तों की मदद के लिए टोल फ्री नंबर, अस्पताल पहुंचाने एंबुलेंस सुविधा और इन सब व्यवस्थाओं में कोई चूक न हो इसलिए कलक्टर, आयुक्त, एडीएम जैसे आला अफसर खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मगर हकीकत कुछ और है। मुफ्त इलाज तो दूर लोगों को अस्पताल की देहरी से ही लौटा दिया जा रहा है। कहीं बेड खाली नहीं होने का बहाना बनाया जा रहा तो कहीं किट खत्म हो जाने का। कहीं इलाज के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं। मदद के लिए दर्जनभर हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं मगर आम जनता तक उसकी पहुंच नहीं।
Published on:
22 Aug 2018 04:14 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
