
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के भीतर हादसे कम नहीं हो रहे है। इस सप्ताह तीन अलग-अलग दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौतें हो चुकी है। आज फिर एक दुर्घटना में एक कर्मचारी की उंगलियां चोटिल हो गई है। दोपहर करीब एक बजे स्टील मेल्टिंग शॉप-1 (एसएमएस-1) के एसीटी कमल परिदा ४९ वर्ष के दाहिने हाथ की दो उंगलियों में काम करते वक्त गंभीर चोट लग गई। दुर्घटना के बाद उसे तत्काल मेन मेडिकल पोस्ट ले जाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनको सेक्टर-9 हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया।
टेलपर राउडर के बीच हाथ फंस गया
घटना उस समय की है जब वे एसएमएस-1 में कार्य के दौरान टेलपर राउडर के बीच उनका हाथ फंस गया, जिससे दोनों उंगलियां दब गई। हॉस्पिटल में उसे एक्सरे के लिए भेजा गया है। बीएसपी में मंगलवार से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें अब तक तीन ठेका श्रमिकों की जान जा चुकी है।
बीएसपी में तीन दिनों में तीन मौत
भिलाई इस्पात संयंत्र में मंगलवार को एसपी-3 में दुर्घटना के दौरान ठेका श्रमिक कमल वर्मा (42 वर्ष) की मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार को प्रोजेक्ट एरिया के एसएमएस-3 में बिना सेफ्टी बेल्ट लगाए, २० मीटर ऊंचाई में काम कर रहे ठेका श्रमिक जनक सिंह (38 वर्ष) की गिरने से मौत हो गई थी। यह तीसरी मौत है जो शंटिंग के दौरान दबने से होने की आशंका है। सुरक्षा के लिए संयंत्र में हर प्लांट में सेफ्टी अफसरों की नियुक्ति की गई है, इसके बाद भी लगातार दुर्घटना हो रही है। संयंत्र में सेफ्टी को लेकर किए गए तमाम व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना की वजह रही प्रबंधन की लापरवाही
केके द्विवेदी, उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य व सुरक्षा, छत्तीसगढ़ शासन, ने लोको शंटिंग मामले में साफ कहा है कि लोको शंटिंग के दौरान कपलिंग जोड़ते समय कौन संकेत दे रहा था, यह अब तक साफ नहीं है। रात में शंटिंग का काम और खतरनाक होता है। इस वजह से बिना इशारा के लोको को आगे पीछे नहीं किया जा सकता। इस तरह से प्रबंधन की लापरवाही तो है। बयान के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी दुर्घटना का सिलसिला थम नहीं रहा है। संयंत्र में हर दिन एक हादसा हो रहा है।
Published on:
11 May 2018 03:08 pm
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