
नकली नोट छापने के आरोपी मध्यप्रदेश में जेल से छूटने के बाद भिलाई को बनाया था ठिकाना
भिलाई. भिलाई में नकली नोट छापने वाले आरोपी इंदौर पाटनीपुरा चौराहा निवासी विशाल एसवानी (32) और बालोद मोहरा निवासी चूड़ामणि साहू (18) इस गोरखधंधे में पहले से ही लिप्त हैं। आरोपी विशाल इसके पहले कटनी व रायपुर में नकली नोट के साथ गिरफ्तार हो चुका है। जमानत पर छूटने के बाद उसने भिलाई को अपना ठिकाना बनाया। आइटीआइ करने आए बालोद के चूड़ामणि को भी अपने गोरखधंधे में शामिल कर लिया। पुलिस ने दोनों को 4 लाख रुपए के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपियों ने स्कूटर की डिक्की में 100 रुपए के 10 बंडल नकली नोटों को छुपा कर रखा था। तालपुरी इंटरनेशनल कालोनी में किराए के आवास 104 एच क्वाटर में नकली नोट की छपाई कर रहे थे। 20 हजार रुपए नकली नोट बाजार में खपा चुके थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय और नगर पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र सतपथी ने बुधवार को पत्रवार्ता में बताया कि दोनों आरोपियों को मुखबीर की सूचना पर धर दबोचा गया। भिलाई में नकली जाली नोट छापने की खबर सबसे पहले पत्रिका ने बुधवार के अंक में प्रकाशित की थी।
तलपुरी कालोनी सुरक्षित जगह लगा
इंदौर का रहने वाला मुख्य आरोपी रायपुर और कटनी में भी नोट छाप कर बाजार में खपा चुका है। दोनों जगह वह अपने साथियों के साथ पकड़ा गया था। मामला न्यायालय में चल रहा है। जमानत पर छूटने के बाद आरोपी इंटर नेशनल कॉलोनी तालपुर को सुरक्षित जगह मानकर यहां नकली नोट छापना शुरू कर दिया। आरोपी का कहना है इस कालोनी में बाहरी लोगों का आना जाना नहीं होता। इसलिए यह कालोनी नोट छापने के लिए उचित जगह लगा। आरोपी के मुताबिक यहां एक माह से नोट छाप रहा था। उसने करीब २० हजार रुपए नोट को बाजार में खपा चुका है।
10 वीं पास आरोपी ने यू-ट्यूब से सीखा जाली नोट बनना
आरोपी विशाल ने बताया कि वह दसवीं पास है। नोट छापने का आइडिया उसे यूट्यूब से मिला। इसके पहले वह रायपुर निवासी इमरान के साथ नोट छपाई कर चुका है। उसके साथ पकड़ा भी गया था। इसके बाद यहां आकर नोट बनाना सीखा। उसने बताया कि कम्पनी के ओरिजिनल इंक से नोट अच्छे छपते हैं। बाद में भरे गए इंक से नोट नकली जैसे दिख जाते हैं इस कारण इंक खत्म होने पर उस प्रिंटर को बेच देते हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से जिस प्रिंटर को जब्त किया गया है उसे मूल रसीद के साथ खरीदे थे।
प्रिंटर को बेच दिया था, पुलिस ने किया जब्त
तालपुरी कालोनी स्थित आवास की पुलिस ने जांच की। वहां प्रिंटर से तैयार किये गए ए-4 साइज के कागज में छापकर रखे नोटों के बंडल मिला। जिसे अभी काटकर अलग-अलग नहीं किया गया था। कुल 3 लाख 60 हजार के नकली नोट, कटर, स्टील का स्केल, काटे गए नोटों के अवशेष कतरन मिले। जिसे जब्त किया गया। चूड़ामणि के कब्जे से नकली नोटों के 100-100 के चार बंडल 40 हजार के नकली नोट अलग से जब्त किया गया। रिसाली के आजाद मार्केट से आरोपियों की निशानदेही पर दो प्रिंटर अलग अलग जगह से बरामद किया। आरोपी ने प्रिंटर को बेच दिया था।
आरोपी रातोंरात अमीर बनना चाहता था
चूड़ामणि साहू मोहारा से आकर यहां राजेन्द्र प्रसाद आइटीआई में पढ़ाई कर रहा था। पैसों के लालच में आकर वह विशाल के चक्कर में पड़ गया। वह विशाल के पड़ोस में मकान नंबर १०४ जे में रहता था। दोनों की जान पहचान हुई और वह विशाल के झांसे में आ गया। अपने नाम पर प्रिंटर खरीदकर विशाल के साथ मिलकर दोनों नकली नोट छापते थे और मार्केट में खपाते थे। चूड़ामणि ने बताया वह एक महीने पहले ही विशाल के सम्पर्क में आया है। जबकि विशाल करीब 6 साल से यह गैरकानूनी काम कर कर रहा है। पहले वह मध्यप्रदेश में यह काम करता था।
बड़े नोट खपाने में दिक्कत इसलिए सौ के नोट छापे
आरोपी विशाल ने बताया कि वह 500 या 2000 हजार के नकली नोट को खपाने में दिक्कत होती थी। क्योंकि बड़े नोट होने के कारण लेने के पहले ज्यादा देख परख करते हैं। जबकि १०० रुपए का नोट आदमी आसानी से ले लेता है। इस बार ५०० और २००० की नोट कम छापा था। उसे खपा चुका था। १०० रुपए के नोटों की छपाई कर ही रहा था कि पुलिस ने पकड़ा लिया।
हर जगह अलग पता बताया है आरोपी ने
आरोपी विशाल कटनी में पकड़ाया था तब अपना पता रायपुर बताया था। जब भिलाई में पकड़ाया तो इंदौर बताया। आरोपी के तार दमोह और कटनी से जुटे है। कटनी में १८ अगस्त २०१७ को पकड़ाया था।
ऐसे छापता था नकली नोट
विशाल ने बताया कि इलेक्ट्रानिक प्रिंटर खरीदा था। नोट बनाने के लिए १/४ साइज का अलग तरह का कागज इस्तेमाल करता था। एक कागज में १०० रुपए के चार नोट चिपकता था। उसके बाद उसे स्कैन करता था। फिर पलटकर वही प्रक्रिया दोहराता था। उसके बाद स्कैन हुई नोट की रंगीन कॉपी निकल लेता था। उसे कैंची से सावधानी पूर्वक काट कर बंडल तैयार कर लेता था। सभी नोट को अपने लोगों के जरिए रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव और बालोद में चलाता था।
Published on:
27 Jun 2018 11:55 pm
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