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दर्जनों मौत के बाद अब शिवनाथ एनीकट पर हादसे रोकने लगाई लोहे की जालियां

महमरा एनीकट में सुरक्षा के लिए लोहे की जालियां लगाने का काम पूरा हो गया है। जाली नहीं होने से लोग पानी तक नहीं पहुंच जाते थे।

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Aniket

दुर्ग. महमरा एनीकट में सुरक्षा के लिए लोहे की जालियां लगाने का काम पूरा हो गया है। जल संसाधन विभाग ने पहले से लगे लोहे की पाइप की रेलिंग पर पतली सरिया वेल्डिंग कर जालियां लगाई है। पहले जाली नहीं होने से लोग रेलिंग को फांदकर पानी तक नहीं पहुंच जाते थे। कई लोग हादसे के शिकार हो जाते थे। जल संसाधन विभाग का दावा है कि अब लोग रेलिंग पार कर पानी तक नहीं पहुंच पाएंगे। इससे किसी तरह की हादसे का आशंका नहीं रहेगी।

कलक्टर ने निर्देश दिए थे

महमरा एनीकट में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए कलक्टर उमेश अग्रवाल ने 21 सितंबर को निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को एक माह की भीतर जालियां लगाने के निर्देश दिए थे।जल संसाधन विभाग ने तत्काल जाली लगाने का काम शुरू कराया। जल संसाधन विभाग के ईई एसके अग्रवाल ने बताया कि जालियां लगाने में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा गया है।

4 साल में हो चुकी है 30 से ज्यादा मौतें
मुताबिक एनीकट में डूबने से 4 साल में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले जून में शराब के नशे में युवक एनीकट में कूद गया था। इससे पहले मार्च 2016 में एक इंजीनियरिंग छात्र व जुलाई 2015 में एक माह के भीतर 3 लोगों की मौत हो गई थी। जान गंवाने वाले में अधिकतर युवा थे।

लोहे की जंजीर लगाने की भी दरकर
कलक्टर ने जिले में पदभार लेने के बाद जून में अफसरों के साथ एनीकट का निरीक्षण किया। गंगा की तर्ज पर नहाने से लिए जालीदार रेलिंग और जंजीर लगाने कहा था। जाली लगाने का काम तो हो गया। नहाने वालों के लिए जंजीर लगाने का काम बाकी है।

जालियां चोरों से बचाना सबसे बड़ी चुनौती
रेलिंग पर जालियां तो लगा दी गई है, लेकिन इन्हें चोरों से बचाना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी। रात के समय एनीकट पर सन्नाटा रहता है। इसका फायदा उठाकर चोर सक्रिय हो जाते हैं। इसके पहले चोरों ने रेलिंग की चोरी कर ली थी। हालांकि जालियां आसानी से निकाली नहीं जा सके इसके लिए पतले लोहे की छड़ भी वेल्डिंग किया गया है।

यह भी हो तो नहीं होंगे हादसे
1. खतरे वाली सभी जगहों पर दूर से नजर आने वाले साइन बोर्ड लगाना।
2. रपटा के उपर वाहनों की गति व अनावश्यक तफरीह करने वालों पर रोक।
3. नहाने के लिए केवल घाट का उपयोग।
4. ज्यादा पानी की स्थिति में सुरक्षा जवान व रक्षक दल की तैनाती।