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AI : छत्तीसगढ़ में नया इनोवेशन, अब पुलिस इस एप्लीकेशन से निकालेगी अपराधियों की कुंडली, कसी जाएगी नकेल

AI : बीआईटी के इंजीनियरिंग छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए चैट बॉट बनाया है। जिसमें संदेहियों की पहचान करने में पुलिस को सहायता मिलेगी।

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AI : छत्तीसगढ़ में नया इनोवेशन, अब  पुलिस इस एप्लीकेशन से निकालेगी अपराधियों की कुंडली, कसी जाएगी नकेल

AI : छत्तीसगढ़ में नया इनोवेशन, अब पुलिस इस एप्लीकेशन से निकालेगी अपराधियों की कुंडली, कसी जाएगी नकेल

भिलाई. बीआईटी के इंजीनियरिंग छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए चैट बॉट बनाया है। जिसमें संदेहियों की पहचान करने में पुलिस को सहायता मिलेगी।

पुलिस अब तक 5 हजार अपराधियों का डेटा अपलोड कर चुकी है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से कोई भी पुलिस अधिकारी किसी संदेही को तत्काल ट्रेस कर सकेगा। इसका सर्वर सीसीटीएनएस पुलिस नियंत्रण कक्ष में स्थापित किया गया है। यह एप्लीकेशन आईपीएस निखिल राखेचा का नवाचार प्रोजेक्ट है।

सेक्टर-6 कंट्रोल रूम में एसपी शलभ सिन्हा के मौजूदगी में इसका डेमो किया गया। पत्रवार्ता में इंजीनियरिंग को छात्रों ने इसका डेमोस्ट्रेशन दिया। एसपी सिन्हा ने बताया कि कांकेर में छात्रों के साथ में इसी प्रकार का नवाचार करने का प्रयास किया था।

आईपीएस निखिल राखेचा और प्रभात कुमार के नेतृत्व में बीआईटी के इंजीनियरिंग छात्रों ने यह चैट बॉट को विकसित किया है। द्वितीय पाली में इसे आईटीएमएस (इंटीलिजेंट ट्रैरिपक मैनेजमेंट सिस्टम) से इंटीग्रेट किया जाएगा। जिससे न केवल चालानी कार्रवाई की जा सकेगी बल्कि अपराधियों की पतासाजी में इसकी अहम भूमिका होगी।

पुलिसिंग को मजबूत बनाने कई प्रयोग

भिलाई नगर सीएसपी निखिल राखेचा ने पदभार ग्रहण करने के बाद दुर्ग जिले की पुलिसिंग को मजबूत करने कई नवाचार किया। इन्होंने क्यूआर कोड, शिकायत पेटी, हथियार ड्राप बॉक्स और रुबरु कार्यक्रम चलाया।। इससे सीधे जनता से संवाद किया। नशा के क्षेत्र में गोली बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया।

आरोपी का फोटो डेटाबेस में अपलोड कर दिखाया डेमो

बीआईटी के छात्रों ने कंट्रोलरूम में प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव डेमो किया। इसमें एक आरोपी को सामने बुलाया गया। उसकी फोटो ली गई। फिर उसे अपलोड किया। बॉट के माध्यम से उसकी जानकारी कुछ ही समय में चिन्हांकित कर ली गई।

ऐसे निकाल सकते है अपराधी की जानकारी

पुलिस इस बॉट के माध्यम से संदेहियों की फोटो खीचकर वॉट्सऐप के माध्यम से अपलोड करेगी। इसके बाद तत्काल उसे वॉट्सऐप पर हिस्ट्रीशीटर की कुंडली निकल जाएगी। उसे चिन्हित कर पुलिस को पकड़ने में आसानी होगी।

हैकर नहीं चुरा सकेंगे डेटा

आईपीएस प्रभात कुमार ने बताया कि इसका डेटा इमेज में न होकर डिजिटल फॉर्मेट में होगा। जिसे डिकोड किया जाना किसी भी हैकर को मुश्किल होगा। यह पुलिस के पास होगा। इसमें प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों का डेटा भी अपलोड किया जाएगा।