विधायक रिकेश सेन ने बताया कि एक साल में रामनगर का मुक्तिधाम छत्तीसगढ़ ही नहीं देश में भी अपनी विशेष पहचान हासिल करेगा। इसे पर्यावरण को ध्यान में रखकर प्रदूषण मुक्त वेल डेवलप्ड किया जाएगा। यहां गार्डन, वातानुकूलित बड़े हाल, पेड़ पौधे, भगवान की प्रतिमाएं, फव्वारा, प्रार्थना कक्ष, वातानुकूलित शोक सभा हाल, क्रियाकर्म के बाद होने वाले कार्यक्रम के लिए बड़े कक्ष, साउंड सिस्टम से लैस एलईडी स्क्रीन के साथ मुक्तिधाम को विशेष आध्यात्मिक स्वरूप में संजोया जाएगा। भिलाई, वैशाली नगर, अहिवारा, दुर्ग से भी यहां अंतिम संस्कार के लिए लोग आते हैं।
यह काम किया जाएगा मुक्तिधाम में
उन्होंने बताया कि रामनगर मुक्तिधाम में वातानुकूलित प्रार्थना हॉल Prayer hall होगा। जिसमें अंतिम संस्कार का क्रियाकलाप एक बड़े स्क्रीन पर लाइव लोग देख सकेंगे। राम नगर मुक्तिधाम का भव्य प्रवेश और निकास द्वार होगा। टाइल्स और मार्बल से सुसज्जित श्रद्धांजलि सभा कक्ष सहित अंतिम संस्कार के बाद के कार्यक्रम के लिए हाल, गार्डन सहित पूरा क्षेत्र अत्यधिक स्वच्छ होगा। एयरपोर्ट की तर्ज पर इसमें वाशरूम भी होंगे। पूरे परिसर को साफ रखने लगभग 25 लोग हाउस कीपिंग में रखे जाएंगे। मुक्तिधाम को देवी-देवताओं व धार्मिक चिन्हों की कृतियां, इको फ्रेंडली और सुंदर उपवन के रूप में विकसित किया जाएगा। जो एक तरह से पर्यटन स्थल का भी स्वरूप होगा। मुक्तिधाम के शवदाह गृह को भी इको फ्रेंडली बनाया जाएगा। परिसर में खेल मैदान भी होगा, जहां आस-पास के बच्चे विभिन्न खेल का अभ्यास कर सकेंगे।
निगम के लिए राहत
विधायक ने बताया कि रामनगर मुक्तिधाम में मात्र एक सौ एक रुपए में लकड़ी भी मिलती है। हर साल जो दो करोड़ लकड़ी का अधिभार निगम पर आता था, उससे भी निजात मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले इस काम को खुद के विधायक निधी व शासन से 3 करोड़ लेकर शुरू करने की योजना बनाया। इसके बाद बिल्डर अजय चौहान ने 5 से 10 करोड़ के इस काम की जिम्मेदारी ले ली। उनको नगर निगम के गौठान से गोबर उपलब्ध करवाया जाएगा। वहां मशीन से गोबर की लकड़ी तैयारी की जाएगी। निगम से बिजली और पानी लिया जाएगा। कर्मियों का वेतन भी बिल्डर ही वहन करेंगे।
एमआईसी और सामान्य सभा में पेश की जाएगी संक्षेपिका
उन्होंने बताया कि इस तरह की टर्म और कंडीशन का पत्र कलेक्टर को भी उन्होंने भेजा। निगम आयुक्त ने भी स्वीकृति दी है। अब यह संक्षेपिका बन कर मेयर इन कौंसिल और विशेष सामान्य सभा में आएगा। वहां से प्रस्ताव राज्य शासन को जाएगा और टर्म और कंडिशंस के आधार पर मुक्तिधाम का विकास कार्य चालू होगा।
माता-पिता की स्मृति में किया जा रहा विकास
विधायक ने बताया कि बिल्डर इस काम के पीछे केवल यह सोच है कि वो भिलाई में ही पले बढ़े और एक बड़े बिजनेसमैन बने हैं, उनका घर भी मुक्तिधाम के पास ही है। वो अपने माता-पिता की स्मृति में यह विकास कार्य करना चाहते हैं। मुक्तिधाम के समीप ही उन्होंने माता पिता की स्मृति में मंदिर भी बनवाया है। https://www.patrika.com/exclusive/watch-video-bulldozer-ran-on-the-building-of-corporation-premises-mayor-said-file-an-fir-19225217