
रॉ मटेरियल के दाम बढऩे से एंसीलरी मुश्किल में
Bhilai भिलाई. रॉ मटेरियल में बेतहाशा वृद्धि के कारण एंसीलरी एवं एमएसएमई उद्योगों की स्थिति मरणासन्न हो गई है। जल्द ही राहत देने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया तो इन उद्योगों में तालाबंदी की नौबत आ जाएगी। हजारों की संख्या में यहां के श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे।
रायपुर प्रवास पर आए केंद्रीय राज्यमंत्री एमएसएमई भानुप्रताप सिंह को बीएसपी एंसीलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे सौजन्य भेंट की। दासगुप्ता ने मंत्री को बताया कि यहां के उद्योग पिछले चार दशक से बीएसपी के साथ हर सुख-दुख में कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। कोरोना काल की मार से पहले ही तबाही की कगार पर पहुंच चुके उद्योग रॉ मटेरियल के इनपुट कॉस्ट में 100 फीसदी की बढ़ोतरी से हलाकान हैं। पीएसयू के वेंडरों पर मुसीबत की घड़ी आई हुई है। इनपुट कॉस्ट बढऩे के कारण ही कुछ ऑर्डर बैलेंस हैं।
दासगुप्ता ने मंत्री से मांग की कि फोर्स मेजर क्लॉज के तहत वित्तीय वर्ष 2020- 21 एवं 21-22 के बैलेंस ऑर्डर को तत्काल कैंसिल किया जाए। 80 फीसदी ऑर्डर पूरे किए जा चुके हैं। बहुत कम ही ऑर्डर बचे हुए हैं। ऐसी स्थिति में सभी पेंडिंग ऑर्डर को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर रि टेंडर किया जाए। मंत्री से आग्रह किया कि सेल चेयरमैन को निर्देशित करें कि ऐसी स्थिति में किसी को भी आरपीएन न किया जाए एवं किसी प्रकार का एक्शन न लिया जाए।
राज्य मंत्री सिंह ने मांगों को गंभीरता से सुना और इस पर ठोस निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि अगले माह मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण मीटिंग होने वाली है जिसमें एमएसईएम उद्योगों को राहत देने पर विचार-विमर्श होगा। मौके पर उपस्थित एमएसएमई छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक राजीव एस एवं उनके अधिकारियों ने भी मांग का समर्थन दिया। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन की तरफ से महासचिव श्याम अग्रवाल, वरिष्ठ सचिव सुरेश चावड़ा, पूर्व महासचिव राजेश खंडेलवाल, चरणजीत सिंह गिल, हरीश मुदलियार,गौरव रोजिन्दार व रविशंकर मिश्रा शामिल थे।
Published on:
22 Apr 2022 07:07 pm
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