
दाक्षी साहू @भिलाई. बच्चों की सेहत बनाने का दावा करने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग में लापरवाही का ऐसा घटिया नमूना सामने आया है, जिसे देखकर इंसानियत भी शर्मसार हो जाएगी। शहर में किराए से जगह नहीं मिली तो सारे नियम कायदों को ताक पर रखकर सार्वजनिक शौचालय में आंगनबाड़ी केंद्र लगा दिया। जी हां भिलाई के वार्ड 12, कांटे्रक्टर कालोनी के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 21 में एक तरफ लोग पेट की गंदगी साफ करने जाते हैं तो दूसरी ओर उसी जगह पर महज 3 से 6 साल के मासूमों को सेहतमंद बनाने पौष्टिक आहार खिलाया जाता है।
अधिकारियों को भी नहीं कोई आपत्ति
आंगनबाड़ी आने वाले गरीब बच्चों को गंदगी और असहनीय बदबू के बीच हाइजीन का पाठ पढ़ाने का ढोंग किया जाता है। ये सब महिला एवं बाल विकास विभाग के बड़े अधिकारियों की जानकारी में हो रही है। जिस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। उल्टा शौचालय में बच्चों के लिए पर्याप्त जगह मिलने का हवाला देकर वे अपनी झोली में वाहवाही बटोरना चाहते हैं।
दो बार आया पैसा नहीं बना भवन
शौचालय में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र का स्वयं का भवन बनाने के लिए एक नहीं दो-दो बार पैसा विभाग के पास आया।हर बार जवाबदार अधिकारियों की लापरवाही की चलते पैसा दूसरे मदों में खर्च कर दिया गया।आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताने बताया कि पार्षद सहित अन्य लोगों से खाली जमीन की मांग की गईथी, लेकिन खाली जमीन नहीं होने के चलते किराए से सेंटर चलाना पड़ा। किराए में पर्याप्त जगह नहीं मिलने पर मजबूरी में सेंटर को सार्वजनिक शौचालय परिसर में शि?ट किया गया।इसकी जानकारी सभी अधिकारियों को दी गई।
सिर्फ बच्चे ही नहीं गर्भवती महिलाओं की भी सेहत से खिलवाड़
शौचालय में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र में सिर्फबच्चे ही नहीं गर्भवती महिलाएं और किशोरी बालिकाएं भी आती हैं।गंदगी और बदबू के बीच स्वच्छता के नाम पर बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं की सेहत से भी बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है।वैसे तो आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 15 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं, लेकिन शौचालय में सेंटर चलने के कारण गिनी चुनी महिलाएं और किशोरी बालिकाएं सेंटर आती हैं।बाकी लोग बदबू से परेशान होकर यहां आना पसंद नहीं करते।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी गुरप्रीत कौर ने कहा कि शौचालय में आंगनबाड़ी केंद्र लगने की बात पता चलने पर सेंटर की कार्यकर्तासे जानकारी ली गई। जिसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र का दरवाजा दूसरी ओर खोलने का निर्णय लिया गया है।ज्यादा दिक्कत होने पर केंद्र को कहीं और शिफ्ट किया जाएगा। भवन विहीन केंद्रों के लिए उचित स्थान देखकर राशि सेंशन करके निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा ही है।
Published on:
13 May 2018 11:43 am
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