16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नाराज बीएसपी अफसर पैदल गए ड्यूटी

पे-फिक्सेशन मामले का निराकरण नहीं होने से नाराज भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों ने शुक्रवार को वॉक फॉर जस्टिस किया। प्रबंधन की ओ से किए जा रहे टालमटोल तथा अनिर्णय की स्थिति से संयंत्र के अधिकारियों में अत्यंत रोष है।

2 min read
Google source verification

भिलाई

image

Nirmal Sahu

Feb 25, 2022

नाराज बीएसपी अफसर पैदल गए ड्यूटी

नाराज बीएसपी अफसर पैदल गए ड्यूटी

भिलाई. पे-फिक्सेशन मामले का निराकरण नहीं होने से नाराज भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों ने शुक्रवार को वॉक फॉर जस्टिस किया। प्रबंधन की ओ से किए जा रहे टालमटोल तथा अनिर्णय की स्थिति से संयंत्र के अधिकारियों में अत्यंत रोष है। अब वे 1 मार्च का ब्लैक बैच लगाकर काम करेंगे। इसके बाद स्टील एक्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) की टीम दिल्ली जाएगी।

सेफी चेयरमैन व बीएसपी ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एनके बंछोर के नेतृत्व में संयंत्र के लगभग 500 अधिकारी से सांकेतिक प्रदर्शन में शामिल हुए। 2008 से 2010 के बीच कर्मचारी से अधिकारी बनने वालों की वेतन विसंगति को लेकर यह पैदल मार्च प्रगति भवन सिविक सेंटर से प्रात: 8 बजे शुरू हुआ। पैदल मार्च करते हुए अफसर ड्यूटी के लिए प्लांट की ओर रवाना हुए। इस दौरान जवाहर उद्यान, बोरिया गेट, और मेन गेट के सामने प्रतिकात्मक विरोध प्रदर्शन भी किया।
ज्ञात हो कि आंदोलन का यह निर्णय सेफी काउंसिल की बैठक में लिया गया था। सेफी काउंसिल की बैठक में ओए-बीएसपी, आरएसपी, बीएसएल, आईएसपी, सीएफ.पी, सीएमओ, एसएसपी, वीआईएसएल एनओएसए नगरनार, डीएसपी, मेकॉन, एनआईएनएल, आरआईएनएल आदि इकाईयों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए थे। इस तरह का प्रदर्शन सेफी से संबंधित सभी इकाईयों में अधिकारी संघों ने किया। सेफी अध्यक्ष बंछोर ने बताया कि अधिकारीगण अपनी तथा अपने साथियों की पीड़ा को प्रबंधन के समक्ष शांतिपूर्वक रखने तथा प्रबंधन को इस विषय पर जागृत करने यह सांकेतिक प्रदर्शन किया जिसे वॉक फॉर जस्टिस नाम दिया गया।

जूनियर अधिकारियों की पीड़ा यह है
2008 व 2010 बैच के जूनियर अधिकारियों की मानसिक पीड़ा यह है कि वर्तमान में उनका वेतनमान यदि संशोधित नहीं किया गया तो जूनियर अधिकारी बैच 2018 एवं 2022 के उनके समकक्ष कार्मिकों से उनका वेतन कम रहेगा। जबकि वे पिछले 14 व 12 वर्षों से एक अधिकारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इसलिए हुई वेतन विसंगति
2007 से केवल 5 वर्षों के लिए ही 2008 एवं 2010 बैच का वेज रिवीजन हुआ था। 1 जनवरी 2012 से इन अधिकारियों को अगले 5 वर्ष के लिए किसी भी प्रकार का लाभ (एमजीबी) नहीं मिला है। जबकि उनके समकक्ष कर्मचारियों को एवं 2018 बैच के जूनियर अधिकारियों को 17 प्रतिशत एमजीबी का लाभ दिया गया है। जिसके कारण वेतन विसंगति उत्पन्न हो गई है।