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अन्ना हजारे ने कहा: सेवा के क्षेत्र में हो तो कैमरे के आगे नहीं बल्कि बाजू में होना चाहिए

डोंगरगांव में अखिल भारतीय शाकाहार सम्मेलन में अन्ना हजारे ने सेवा को लेकर दिखावा करने वालों को बड़ी नसीहत दी।

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Anna hazare

राजनांदगांव/ डोंगरगांव. डोंगरगांव में गुरुवार को आयोजित अखिल भारतीय शाकाहार सम्मेलन में समाजसेवी अन्ना हजारे ने सेवा को लेकर दिखावा करने वालों को बड़ी नसीहत दी। कहा कि मैं दो दिनों से देख रहा हूं कि कुछ लोग फोटो खिंचवाने की होड़ में कैमरे के आगे-पीछे हो रहे हैं। इस चक्कर में मैं खुद गिरते-गिरते बचा हूं। अन्ना ने कहा कि सेवा के क्षेत्र में हो तो कैमरे के आगे नहीं बल्कि बाजू में होना चाहिए। अन्ना ने यहां समाज सेवा के लिए लोगों को सूत्र बताए। कहा कि समाज उत्थान के क्षेत्र में आगे आ रहे हैं तो सबसे पहले अच्छा आचार, विचार, जीवन निष्कलंक होना चाहिए। जीवन में त्याग की भावना रखने वाला ही समाज के हित में काम कर सकता है।

ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को सुधारने की सीख दी
समाजेसवी अन्ना हजारे ने यहां खुद के जीवन में किए संघर्षों को सामने रखते हुए बताया कि सेवा से ही हम अपने गांव और देश को बदल सकते हैं। बताया कि जिस क्षेत्र में रहते हैं वहां पहले ४० शराब की दुकानें थीं। अब १८ साल से गांव में शराब तो दूर बिड़ी, खैनी, सिगरेट सहित अन्य नशीले पदार्थ नहीं बिकते हैं। कहा कि गांव में सूखा पड़ा था। ग्रामीणों को जागरूक कर प्रकृति का सहारा लेकर बंूद-बंूद पानी को एकत्रित कर भू-जल स्तर बढ़ाने काम किया। अब गांव में जहां ४०० एकड़ जमीन के लिए पानी नहीं था, वहां अब १२०० एकड़ में डबल खेती हो रही है। ग्रामीण अर्थ व्यवस्था में सुधार आया है। गांव से अब ६ हजार लीटर दूध बाहर बिकने के लिए जाता है।

मूकबधिर बच्चों को २५ किमी का सफर तय करना पड़ गया
समाजसेवी अन्ना हजारे बुधवार को राजनांदगांव से गुजरे पर आस्था के मूकबधिर बच्चों से मिले नहीं। कार से भी नहीं उतरे। इस घटनाक्रम को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आने पर अन्ना ने आयोजकों को निर्देशित किया कि वे बच्चों से मिलना चाहते हैं। अन्ना के कहने पर लायंस क्लब के पदाधिकारियों तक सूचना पहुंची कि बुधवार की घटना के लिए क्षमा चाह रहे हैं और अन्ना हजारे से बच्चों से मिलेंगे। इस सूचना पर लायंस क्लब और आस्था के पदाधिकारी बच्चों को लेकर डोंगरगांव पहुंचे। रेस्ट हाउस परिसर में अन्ना ने बच्चों से मुलाकात की। कहा कि ये बच्चे अपंग नहीं हैं बल्कि अपंग वे लोग होते हैं जो देश और समाज के लिए कुछ नहीं करते। अन्ना ने मूकबधिक बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे जीवन में कभी निराश न हो।

देश बदलने के लिए ६ लाख ३८ हजार युवक
अन्ना ने कहा कि युवा शक्ति में बहुत दम है। युवा शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति है। गांव और देश में बदलाव जाना है तो ६ लाख ३८ हजार युवाओं की जरूर है। इतने ही गांव हैं हमारे देश में। इन युवाओं के माध्यम से ही गांव की तस्वीर बदल सकती है पर दुर्भाग्य है कि ऐसा नहीं हो रहा। अन्ना ने युवाओं से आह्वान किया वे उनकी तरह अनशन न करें पर समाज हित के लिए समय जरूर दें। यह जरूरी नहीं कि वे अन्ना की तरह शादी न करें। परिवार में रहें पर समाज के लिए समय निकलकर उत्थान में योगदान दें। इस मौके पर सांसद अभिषेक सिंह ने अन्ना हजारे के जीवन को प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम में आयोजकों के साथ वेयर हाउस कार्पोरेशन के चेयरमैन नीलू शर्मा भी मौजूद रहे।