19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जमीन के वार्षिक मूल्य के आधार पर तय होगा संपत्तिकर

संपत्तिकर के आर्थिक बोझ से राहत मिल सकती है। निगम ने नए सिरे से प्रॉपर्टी टैक्स की गणना कर २०१८-१९ के लिए संपत्तिकर की दरें लागू करने का निर्णय लिया

3 min read
Google source verification
राजस्व विभाग

bhilai nigam

भिलाई . शहरवासियों को संपत्तिकर के आर्थिक बोझ से राहत मिल सकती है। नगर पालिक निगम ने नए सिरे से प्रॉपर्टी टैक्स की गणना कर 2018-19 के लिए संपत्तिकर की दरें लागू करने का निर्णय लिया है। नए सिरे से प्रॉपर्टी टैक्स के जोनवार स्लैब की गणना के लिए राजस्व विभाग ने एक कमेटी भी बनाई है। कमेटी की ओर से शासकीय मूल्य (कलक्टर गाइडलाइन) के अनुसार बस्ती, आवासीय कॉलोनी, रिहायशी कॉलोनी, मुख्य मार्ग, बाजार और व्यावसायिक जोन क्षेत्र की जमीन का वार्षिक मूल्य के आधार पर प्रॉपटी टैक्स की दरें तय की जाएंगी। इससे करदाताओं को आवासीय और व्यावसायिक जोन की विसंगति के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से राहत मिल सकती है।

नए सिरे से होगा जोन का वर्गीकरण

निगम क्षेत्र की जमीन का वार्षिक भाड़ा मूल्य को रिवाइज करने कहा गया था। राजस्व विभाग ने गाइड लाइन के अनुसार जमीन का वार्षिक भाड़ा मूल्य रिवाइज किया गया। शासन ने आयुक्त के द्वारा प्रस्तावित दर को अधिसूचना जारी कर लागू कर दिया। नए सिरे से सपंत्तिकर जोन का वर्गीकरण और संपत्तिकर की दर में 80 फीसदी तक की गई वृद्धि के कारण करदाताओं को दोहरा भार पड़ रहा है।

संपत्तिकर जोन का वर्गीकरण के प्रावधान

निगम ने बस्ती, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स का जोनवार वर्गीकरण किया है।
जिस कॉलोनी में अंडर ग्राउंड सीवरेज सिस्टम है। मूलभूत सुविधाएं हैं। उस कॉलोनी को आवासीय जोन-१ के स्लेब में रखा गया है।
फोरलेन, गौरवपथ के अलावा जिस कॉलोनियों में 100 फीट चौड़ी सड़क है। रोड में किनारे के मकानों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। ऐसे कॉलोनी के रोड के किनारे से 300-300 मीटर के दायरे में आने वाले आवास को व्यावसायिक जोन में रखा गया है।

इन कॉलोनियों में है विसंगति

रिसाली बस्ती, हिन्द नगर, इस्पात नगर, अवधपुरी, कुसुम नगर, मॉडल टाउन, फरीद नगर, अयप्पा नगर, कोहका-कुरुद के रोड के पीछे का हिस्सा, जुनवानी बस्ती रोड, न्यू खुर्सीपार, उल्लास नगर सहित ऐसे कई कॉलोनी हैं। जहां मुख्य रोड से 300 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित मकान मालिकों को जोन-1 की दर से प्रापर्टी टैक्स देना पड़ रहा है। जैसे की रिसाली-धनोरा मुख्य मार्ग से 500 मीटर की दूरी पर स्थित मकान मालिकों को 44 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से संपत्तिकर देना पड़ रहा है। जबकि जोन का वर्गीकरण होने से पहले मार्च 2016 तक करदाताओं को जोन-2 के स्लैब 10.50 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से टैक्स देना पड़ता था। एक हजार वर्गफीट के मकान मालिक पहले 1 हजार रुपए संपत्तिकर देते थे। उन्हें 2017-18 में 3500 रुपए तक संपत्तिकर देना पड़ रहा है। प्रापर्टी टैक्स की दर में दो गुणा से अधिक वृद्धि की गई है।

कॉलोनियों को मिल सकती है राहत

राजस्व विभाग के जानकारों की मानें तो यदि नए सिरे से संपत्तिकर जोन का वर्गीकरण किया जाता है, तो आधा दर्जन कॉलोनी/ बस्ती के लोगों को राहत मिल सकती है। सलाहकार समिति के सुझाव के अनुसार महापौर परिषद ने 2018-19 के लिए नए सिरे से संपत्तिकर जोन का वर्गीकरण करने कहा है। समिति जोन का वर्गीकरण कर प्रस्ताव महापौर परिषद को भेजेगा। महापौर परिषद को यह अधिकार है कि चाहे तो वह समिति के प्रस्ताव यथावत लागू करने का संकल्प पारित कर सकता है।

खास बातें

रिसाली जोन-6 के पार्षदों ने अधिसूचना जारी होने के बाद मनमाने टैक्स के खिलाफ आवाज उठाई। जून 2017 में संपत्तिकर की विसंगति और मनमाने टैक्स के खिलाफ लोगों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाया। 8 हजार लोगों का हस्ताक्षर युक्त समर्थन जुटाया।
लोगों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन जुलाई 2017 में नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के नाम कलक्टर उमेश अग्रवाल और जनदर्शन में आयुक्त केएल चौहान को सौंपा गया। विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई।
आवेदन का निराकरण नहीं होने पर पार्षद चुम्मन देशमुख ने 17 अगस्त 2017 को सूचना के अधिकार के तहत में राजस्व विभाग से आवेदन के संबंध में जवाब चाहा। जवाब मे राजस्व विभाग ने यह कहा कि निगम ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अधिसूचना जारी कर चुका है। अधि सूचना की दरों को वर्तमान में कम किया जाना संभव नहीं है।
इसके बाद राजस्व विभाग प्रभारी नीरजपाल ने सलाहकार समिति की बैठक बुलाई। बैठक में सदस्यों के सुझाव के संपत्तिकर के विसंगतियों को दूर करने के लिए प्रस्ताव तैयार करवाया। महापौर परिषद में 2018-19 के लिए नए सिर से संपत्तिकर जोन का वर्गीकरण का संकल्प पारित किया गया।

प्रभारी राजस्व विभाग, एमआईसी नीरजपाल ने बताया कि नए सिरे से आवासीय और व्यावसायिक जोन का निर्धारण करने महापौर परिषद ने निर्णय लिया है। राजस्व विभाग को संपत्तिकर जोन के वर्गीकरण की त्रुटियों को दूर करने करने के लिए कहा गया है।

राजस्व अधिकारी एचके चंद्राकर ने बताया कि 2018-19 के लिए संपत्ति कर की दर का निर्धारण और जोन का वर्गीकरण किया जाना है। कलक्टर गाइडलाइन के अनुसार समिति आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र की जमीन का वार्षिक मूल्य का परीक्षण कर रही है।