
Bhilai News: बीटेक और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों की तर्ज पर अब दुर्ग ऑटोनोमस साइंस कॉलेज के विद्यार्थी भी स्नातक स्तर पर इंटर्नशिप करेंगे। तीन वर्षीय यूजी डिग्री पूरी करने से पहले विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से निर्धारित अवधि की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी। ऑटोनोमस कॉलेजों के लिए तैयार किए गए नए मसौदे में यह महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया है।
यूजीसी द्वारा हाल ही में तैयार किए गए मसौदे में सामान्य डिग्री (ऑटोनोमस) कॉलेजों के विद्यार्थियों को कंपनियों, एनजीओ और विभिन्न संस्थानों में प्रैक्टिकल अनुभव दिलाने पर जोर दिया गया है। इससे विद्यार्थियों को स्किल डेवलपमेंट, आंत्रप्रेन्योरशिप और इंडस्ट्री-लिंक्ड लर्निंग का अवसर मिलेगा।
दुर्ग साइंस कॉलेज एक स्वशासी संस्थान है, जहां न्यू एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) के तहत यूजी व चार वर्षीय रिसर्च ऑनर्स प्रोग्राम संचालित है। इसी व्यवस्था के तहत इंटर्नशिप को पाठ्यक्रम से जोड़ा गया है। इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों को क्रेडिट अंक दिए जाएंगे और इसकी जानकारी मार्कशीट में भी दर्ज होगी।
एनईपी के अंतर्गत विद्यार्थियों को विषय चयन, एंट्री और एग्जिट का खुला विकल्प दिया गया है। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सभी ऑटोनोमस कॉलेजों और विवि को डिजीलॉकर और एबीसी बैंक में पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज में इस व्यवस्था का सीधा असर भी दिख रहा है। बीएससी के विद्यार्थी वाइस सिस्टम के तहत अपनी रुचि अनुसार इतिहास विषय पढ़ रहे हैं। वहीं बीकॉम छात्र कप्यूटर साइंस की कोडिंग सीख रहे हैं।
एनईपी के तहत विद्यार्थियों को बाहरी ज्ञान दिलाने के लिए इंटर्नशिप को कॉलेज में अनिवार्य किया गया है। आंत्रप्रेन्योरशिप और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए ऑटोनोमस बॉडी ने अपने स्तर पर विशेष कोर्स तैयार किए हैं। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, साइंस कॉलेज
Updated on:
16 Nov 2025 09:06 am
Published on:
16 Nov 2025 09:06 am
