
Bhilai अपमान, ओपन नहीं हुआ आयुष्मान कार्ड, 17 हजार कैश के लिए 6 घंटे रोका शव
भिलाई. खुर्सीपार में रहने वाला एक व्यक्ति शंकरा हॉस्पिटल, जुनवानी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान कार्ड पोर्टल में नहीं खुल रहा। तकनीकी दिक्कत बता दिया। इसके बाद पीडि़त परिवार से 17,000 नकद जमा करने कहा। पीडि़त परिवार के पास उतनी रकम नहीं थी। शव लेकर जाने के लिए वे दोपहर करीब 12.30 बजे से शाम तक प्रयास करते रहे। उनके पास नकद इंतजाम नहीं हो पाया। वहीं आयुष्मान कार्ड के जिम्मेदार अधिकारी भी फोन नहीं उठा रहे थे, जिससे उनको भी दूसरे के माध्यम से जानकारी भेजी गई, तो बता दिया कि मीटिंग में हूं। शाम करीब 6.50 के बाद उन्होंने बताया कि अस्पताल के जिम्मेदार गौतम जी को बता दिया है, शव दे देंगे। वहीं परिवार को अस्पताल में बताए कि अभी कार्ड ओपन नहीं हो रहा है। इसे कलेक्टर, दुर्ग की जानकारी में भी दिया गया।
लकवा से था पीडि़त
अशोक 42 साल को 28 नवंबर को शाम 7.30 बजे के बाद शंकरा हॉस्पिटल, जुनवानी में दाखिल किया गया। उनको करीब 5 साल पहले लकवा की शिकायत हुई थी। जिसकी वजह से परिवार की माली हालत खराब हो गई। परिजन आयुष्मान कार्ड के भरोसे में शंकरा हॉस्पिटल, जुनवानी लेकर पहुंचे। यहां आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज होता है। इस वजह से दाखिल हो गए।
मौत होने के बाद मांगा गया कैश
अशोक की मां लच्छो बाई ने बताया कि अशोक ने गुरुवार को दोपहर करीब 12.30 बजे दम तोड़ दिया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नकद पैसा मांगा। बताया गया कि आयुष्मान कार्ड से इलाज होता है। यहां तकनीकी दिक्कत आ रही है। जिसकी वजह से आयुष्मान कार्ड काम नहीं कर रहा है। इसके बाद पीडि़त परिवार के माथे में शिकन आ गया।
जनप्रतिनिधि से करवाए फोन
पीडि़त परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे लोगों ने जनप्रतिनिधि से फोन करवाया। जिससे आर्थिक रुप से कमजोर परिवार का 17 हजार रुपए मांफ हो जाए। फोन आने के बाद भी प्रबंधन माना नहीं। यह जरूर कहा कि 5 हजार रुपए कम कर दिया है। पर शेष राशि देना होगा।
नहीं करवा पाए अंतिम संस्कार
नकद परिवार के पास नहीं था। ऐसे में वे पूरा दिन पैसा को मांफ करवाने के लिए गुहार लगाते रहे। और शाम के 6.50 बज गए। इस तरह से गुरुवार को अंतिम संस्कार नहीं करवा पाए। अब शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जिला में आयुष्मान कार्ड के जिम्मेदार भी नहीं उठाए फोन
जिला में आयुष्मान कार्ड के लिए जिम्मेदार अधिकारी को फोन लगाया गया। वे फोन नहीं उठाए। तब दूसरे से उनको खबर भेजे, तब बताया गया कि वे मीटिंग में हैं।
5 लाख तक मुफ्त इलाज
आयुष्मान कार्ड में दर्ज है कि इस कार्ड से पांच लाख तक मुफ्त इलाज करवाया जा सकता है। दूसरी ओर 17 हजार के लिए शव ही रोक दिया गया। आयुष्मान कार्ड से संबंधित तकनीकी दिक्कत है या सर्वर की समस्या है। दोनों ही स्थिति में पीडि़त परिवार को भुगतान के लिए कहा जाता है। शासन की योजना है, तो उसके लिए पोर्टल में दिक्कत हो तो विकल्प के तौर पर व्यवस्था शासन को करना चाहिए।
कम किया है कुछ रकम
आईपी मिश्रा, संचालक, शंकरा हॉस्पिटल, जुनवानी, ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से भुगतान होने में दिक्कत हो रही है। फोन आने पर कुछ राशि कम भी कर दी गई है।
गौतम जी को बोल दिया हूं शव देने
देवेश त्रिवेदी, कसलटेंट, आयुष्मान भारत ने बताया कि गौतम जी को बोल दिया हूं, शव देने। आयुष्मान कार्ड में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है।
चेक करवाता हूं मैं
पुष्पेंद्र कुमार मीणा, कलेक्टर, दुर्ग ने बताया कि मैं चेक करवाता हूं, इस संबंध में शिकायत सीएमएचओ को भेज दिया है।
Published on:
01 Dec 2022 09:36 pm
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