
विवि की खेल सूची से बॉल बैडमिंटन और ताइक्वांडो बाहर
भिलाई . हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने बॉल बैडमिंटन व ताइक्वांडो के खिलाडिय़ों को बड़ा झटका दिया है। अब से विवि इन दोनों खेलों की टीम किसी भी प्रतियोगिता में नहीं भेजेगा। विवि ने दोनों खेलों को अपनी खेल सूची से हमेशा के लिए हटा दिया है। हाल ही में हुई विवि क्रीड़ा समिति की बैठक में लिए गए इस निर्णय को कार्यपरिषद ने भी मंजूरी दे दी। बड़ी बात यह भी है कि पिछले तीन साल से विवि इनके खिलाड़ी अंतर विश्वविद्यालयीन खेलों में भेजता रहा है। एकाएक हुए इस फैसले के पीछे विवि प्रशासन ने खेल बजट में कमी का हवाला दिया है, जबकि टीमों के खराब प्रदर्शन को भी वजह बताया है।
इससे पहले रविवि भी कर चुका था कोशिश
इससे पहले पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय क्रीडा परिषद भी अपनी खेल सूची से बॉल बैडमिंटन और ताइक्वांडो को हटा चुकी थी। यह तीन साल पुरानी बात है, तब खिलाडिय़ों ने जमकर हंगामा मचाया था। खेल संघों की दखल होने के चलते रविवि ने दोनों खेल को वापस जोड़ा था।
बॉलबैडमिंटन और भिलाई का पुराना रिश्ता
भले ही हेमचंद विवि ने बॉल बैडमिंटन को खेल सूची से हटा दिया है, लेकिन इस खेल का भिलाई से गहरा नाता है। बॉल बैडमिंटन फेडरेशन ऑफ इंडिया के सीईओ वाय राजा राव ने बताया कि १९६० से भिलाई में यह खेल जोरों पर रहा है। इस वजह से भारतीय फेडरेशन के पदाधिकारी अधिकतर बार यही से बनाए गए। देश के लगभग हर राज्य में बॉलबैडमिंटन संघ है, जिसमें यह खेल पूरे शबाब पर रहता है। अंतर विवि खेलों में हर साल विश्वविद्यालयों की टीमें प्रतिनिधित्व करती है। इस खेल का भविष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है।
हेमचंद विवि इस तरह से बॉल बैडमिंटन को सूची से नहीं हटा सकता। फेडरेशन इसके लिए मुख्यमंत्री से शिकायत करेगा। कुलपति से भी चर्चा कर इस खेल का भविष्य साझा करेंगे।
वाए राजा राव, सीईओ, बॉल बैडमिंटन फेडरेशन
Published on:
26 Oct 2019 09:32 pm
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