
भिलाई. छत्तीसगढ़ प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के गृह जिले में बेरोजगारी का ऐसा आलम है कि हायर एजुकेटेड युवा जीवकोपार्जन के लिए मजबूरी में शराब दुकान में सेल्समैन का काम करेंगे। इससे सरकार के इस दावे पर प्रश्न चिन्ह लग जाता है कि मेक-इन-इंडिया, स्टार्टअप और कौशल उन्नयन योजना के तहत बेरोजगारों को काम मिल रहा है। ऐसा हम नहीं कह रहे है बल्कि गुरुवार को रोजगार कार्यालय दुर्ग में लगे रोजगार मेला में नौकरी के लिए आए युवाओं की डिग्री बता रही है। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की डिग्री वालों को कंपनियों ने दसवीं पास ड्राइवर से भी कम वेतन पर नौकरी करने का ऑफर दिया। इसके बाद कुछ अभ्यर्थी तो लौट गए, लेकिन जरूरतमंद युवकों ने इसकी बजाय कुछ ज्यादा पैसे में शराब दुकान पर नौकरी करना बेहतर समझा। उनके चेहरे पर मायूसी थी, फिर भी वे शराब की पेटियां उठाने और बोतलें इकट्ठी करने भी तैयार थे।
युवा 9 हजार रुपए में भी काम करने को तैयार
जिला रोजगार कार्यालय मेला में श्रीदसर्वग्य मल्टीस्किल कंपनी ने बीई, एमई और एमसीए की डिग्रीधारियों को ८ हजार रुपए वेतन पर नौकरी का मौका दिया। वहीं शिविर में महेंद्रा ट्रेवल्स ने ड्राइवरों को २० हजार रुपए के वेतन पर नौकरी दी। जबकि एलएंडटी फाइनेंस में इंजीनियर, एमबीए और ग्रेजुएट युवा ९ से १२ हजार रुपए में भी काम करने को तैयार हो गए।
976 आवेदनों में से 548 अभ्यर्थियों ने ही साक्षात्कार दिया
रोजगार कार्यालय के गुरुवार को रोजगार मेला में दसवीं, बारहवीं पास तो पहुंचे ही उनके साथ एमबीए और इंजीनियरिंग की डिग्रीधारी भी बड़ी संख्या में उमड़ पड़े। दसवीं पास की योग्यता वाले पदों पर गे्रजुएट और इंजीनियरों ने आवेदन किए। मेले में सात कंपनियां ९०० से अधिक पदों पर प्लेसमेंट के लिए आईं, लेकिन सुबह १० से शाम ६ बजे तक सिर्फ १३९ युवाओं को ही नौकरी मिल पाई। ९७६ आवेदनों में से ५४८ अभ्यर्थियों ने ही साक्षात्कार दिया। १३० से अधिक युवाओं ने शराब दुकानों में काम करने के लिए आवेदन किए। इनमें से ३ इंजीनियरिंग व एमबीए पास को सुपरवाइजरी व सेल्समैन का काम मिला।
इन्हें मिली इतनी नौकरियां
महेंद्रा टे्रवल्स - ड्राइवर -२, कंप्यूटर ऑपरेटर - ८, एलएंडटी फाइनेंस - एमएफआई ऑफिसर - १७ का चयन, प्राइमवन वर्क फोर्स प्रा. लि - विद्या मितान - १४, वाइनशॉप सुपरवाइजर - ५, सेल्समैन - ११ मल्टीपर्पज स्टाफ -२, कृष्णा पेरोल सर्विस प्रा. लि. - असिस्टेंट प्रोडक्शन मेंबर - ५०, पात्रा इंडिया बीपीओ सर्विस -प्रोसेस एग्जीक्यूटिव बीपीओ - ८, श्रीदसर्वग्य प्रा. लि. -आईटी ट्रेनर - १, ऑफिस बॉय -१, मार्केटिंग - 1।
मुंबई, पुणे और दिल्ली जैसे शहरों में पोस्टिंग पर भी मुस्कुराकर हामी भर दी
सबसे अधिक ५२० पद लेकर आई अहमदाबाद की कृष्णा पेरोल लिमिटेड ने सिर्फ ५० का चयन किया। बेरोजगारी का आलम ये है कि दसवीं-बारहवीं आईटीआई पास युवाओं ने ९ रुपए में मुंबई, पुणे और दिल्ली जैसे शहरों में पोस्टिंग पर भी मुस्कुराकर हामी भर दी। इतना कम वेतन व रहने और खाने का बंदोबस्त स्वयं करने की बात भी नौकरी से इनकार नहीं करा पाई। बीपीओ सर्विस पात्रा इंडिया वैसे तो ५० पदों के साथ मेले में शामिल हुई, लेकिन प्रोसेस एग्जीक्यूटिव के लिए सिर्फ ८ युवाओं का ही चयन किया। कंपनी को ९०० बेरोजगारों में ८ के अलावा अन्य योग्य उम्मीदवार दिखाई ही नहीं दिए।
मजबूरी सरकार ने खुद पैदा की
प्रदेश में हर साल ८ हजार से अधिक युवा इंजीनियरिंग पूरी कर निकलते हैं। एमबीए करने वालों की संख्या भी सैकड़ों में है। प्रदेश के उद्योगों में नौकरियां नही हैं। स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने का माहौल भी सरकार ने कभी तैयार नहीं किया। शराब दुकानों में नौकरी करने की मजबूरी सरकार ने खुद पैदा की। निजी कंपनी को ठेका देकर इंजीनियरों व ग्रेजुएट युवाओं को हायर करने को कहा।
Published on:
15 Dec 2017 12:41 pm
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