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बोतल और केन का चिल्ड वॉटर पीने वाले सावधान, यह आपका सेहत बिगाड़ सकता है, पढि़ए पूरी खबर

शहर में संचालित आरओ वाटर और बर्फ फैक्ट्रियों में लोगों की सेहत से जमकर खिलवाड़ हो रहा है। जांच के बाद फैक्ट्री संचालकों पर जुर्माना लगाया गया।

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Plastic content in bottled water will be examined in Lab of Gujarat

Plastic content in bottled water will be examined in Lab of Gujarat

राजनांदगांव. शहर में संचालित आरओ वाटर और बर्फ फैक्ट्रियों में लोगों की सेहत से जमकर खिलवाड़ हो रहा है। आरओ वाटर फैक्ट्रियों में जहां गंदी जगहों से पानी सप्लाई हो रही है। वहीं बर्फ अमानक स्तर का पाया गया। इसके अलावा बच्चों के पेय पदार्थ कैंडी (पेप्सी) की फैक्ट्री में भी गंदगी के बीच पैकेट बंद पेय पदार्थ बनाए जा रहे थे। जांच के बाद फैक्ट्री संचालकों पर जुर्माना लगाया गया है।

जांच दल द्वारा फैक्ट्रियों में छापामार कार्रवाई

गौरतलब है कि शहर में कुछ जगहों पर आरओ वाटर व बर्फ फैक्ट्री संचालित है। संचालकों द्वारा फायदे के लिए नियमों को ताक में रखकर अमानक स्तर का वाटर व बर्फ बनाई जा रही है। पत्रिका ने 14 अप्रैल को इस संबंध में खबर प्रकाशित कर जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया था। शनिवार को एसडीएम अतुल विश्वकर्मा, जिला खाद्य सुरक्षा आषधि अधिकारी नेमीचंद पटेल व निगम के स्वास्थ्य अमला और पीएचई विभाग की जांच दल द्वारा फैक्ट्रियों में छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान सभी जगहों पर कमी पाई गई और संचालकों को दंडित किया गया है।

बर्फ फैक्ट्री में पसरी हुई थी गंदगी
जिला प्रशासन की टीम ने तुलसीपुर स्थित एक बर्फ फैक्ट्री में दबिश दी। जांच के दौरान अधिकारी भी फैक्ट्री में पसरी गंदगी को देखकर हैरान रह गए। यहां पर आरओ वाटर सप्लाई के टैंक में कचरा व गंदगी पसरी हुई थी। वहीं पानी की जांच के लिए लैब व टेक्निशियन भी नहीं है। सीधे बोर के पानी को ठंडा कर आरओ वाटर की सप्लाई की जा रही है। एसडीएम ने फैक्ट्री संचालक को जमकर फटकार लगाते हुए शुद्व पानी बेचने की हिदायत दी और पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

फैक्ट्री का बर्फ मिला अमानक
टीम द्वारा लखोली में संचालित बर्फ फैक्र्टी में भी जांच की गई। यहां पर बन रही बर्फ को अमानक पाया गया। जांच दल ने बताया कि बर्फ किसी सामान को ठंडा करने के लायक किंतु खाने लायक नहीं है। वहीं फैक्ट्री में बर्फ सिल्ली बनाने के प्लेट में भी जंग लगे थे। फैक्ट्री से आरओ वाटर की भी सप्लाई होती है। जांच टीम द्वारा पानी का सेम्पल लिया गया है। वहीं गंदगी पाए जाने पर संचालक पर तीन हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

कागज के पैरामीटर से जांच
आरओ वाटर सहित पेय पदार्थों की जांच में पीएचई विभाग के टेक्निशिन द्वारा कागज के पैरामीटर से ही पानी की शुद्धता जांची जा रही है जबकि पानी की जांच के लिए लेबोरेटरी के साथ इस्टु्रंमेंट की जरुरत पड़ती है। इस मामले में टेक्निशियन से बात करने पर उन्होने बताया कि यह प्रारंभिक जांच है। पानी का सेम्पल लेकर लैब में इसकी शुद्धता की पूरी तरह से जांच की जाएगी। फिलहाल संचालकों द्वारा आरओ वाटर और बर्फ के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है।

कैन्डी फैक्ट्री में पसरी थी गंदगी
शहर के जमातपारा में बच्चों के पेय पदार्थ कैन्डी (पेप्सी) की फैक्ट्री है। जांच दल ने यहां पर दबिश देकर व्यवस्था व पेय पदार्थ बनाए जा रहे समाग्रियों की जांच की। यहां पर भी गंदगी के बीच पेय पदार्थ बनाया जा रहा था। जांच दल ने पानी सहित अन्य समाग्रियों का सेम्पल जांच के लिए अपने पास रखा है और संचालक पर तीन हजार का जुर्माना ठोका गया। जांच टीम ने संचालक को फैक्ट्री में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने हिदायत दी है।