
भिलाई भाजपा के मंडलों में सरोज समर्थकों का फिर दबदबा, सांसद और विधायक समर्थकों को नहीं मिली जगह,भिलाई भाजपा के मंडलों में सरोज समर्थकों का फिर दबदबा, सांसद और विधायक समर्थकों को नहीं मिली जगह
भिलाई.चुनाव प्रभारी व पर्यवेक्षकों ने भिलाई जिला संगठन के 10 में से 7 मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की है। मंडल में जो पहले महामंत्री थे, उन्हीं का कद बढ़ाकर अब अध्यक्ष मनोनीत कर दिया है। सूची में सासंद विजय बघेल, वैशाली नगर विधायक विद्यारतन भसीन और पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश पांडेय के एक भी समर्थक को जगह नहीं मिली हेै। मनोनीत सभी मंडल अध्यक्ष राज्य सभा सांसद सरोज पांडेय के समर्थकों बताए जाते हैं।
प्रदेश भाजपा संगठन ने जिला संगठन के पदाधिकारियों का चुनाव कराने से पहले हर बूथ से कम से कम 22 से 25 सदस्य बनाने और उन्हीं सदस्यों में से एक सक्रिय सदस्य बनाने का निर्णय लिया था। सक्रिय सदस्य बनने के लिए 400 रुपए का शुल्क तय किया गया है। 22 सदस्यों की आपसी सहमति से ही सक्रिय सदस्य का चयन किया जाना था। सक्रिय सदस्यों में से ही मंडल अध्यक्ष चुना जाना है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बूथ अध्यक्षों के मौखिक समर्थन पर सात मंडलों के अध्यक्ष चुन लिए गए। चरोदा और टाउनशिप के दो मंडलों पर सहमति नहीं बनी।
अध्यक्ष पद के लिए थे कुल 14 दावेदार
दुर्ग जिला भाजपा के जेवरा-सिरसा मंडल अध्यक्ष पद के लिए अपनाई गई नामांकन की प्रक्र्रिया में संतोष मार्कण्डेय, वेदप्रकाश साहू, सचेन्द्र राजपूत, संतोष निषाद, मिथलेश कश्यप, कन्हैया निषाद, जितेंद्र यादव, राकेश ताम्रकार, गुलाब साहू, विकास मढ़रिया, तोरण वर्मा, लालमणी यादव, दिलीप वर्मा और अशोक मंदारे कुल 14 दावेदार थे। इनमें से सात दावेदार संतोष और दो ने जितेन्द्र के पक्ष में अपना नाम वापस ले लिया।। दिलीप वर्मा ने अपना समर्थन गुलाब साहू को देने की घोषणा की। वहीं मिथलेश कश्यप मैदान में डटे रहे। इस तरह से कुल चार दावेदार मैदान में थे, लेकिन चुनाव प्रभारी सतीश समर्थ, सह प्रभारी अनूप गटागट और पर्यवेक्षक शिव चंद्राकर ने बहुमत के आधार पर संतोष के बजाय जितेन्द्र को मंडल अध्यक्ष मनोनीत कर दिया। इससे बैठक में उपस्थित सक्रिय सदस्य और बूथ अध्यक्ष भड़क गए। नारेबाजी और विवाद को बढ़ता देख चुनाव कराने आए संगठन के लोग खिसक लिए।
पहले तय कर लिया था नाम
सक्रिय सदस्यों का कहना है कि उम्मीदवार के नाम आने से पहले ही समन्वय समिति ने मंडल अध्यक्ष का नाम तय कर लिया था। इस वजह से 8 दावेदारों का समर्थन मिलने के बावजूद संतोष को मंडल अध्यक्ष नहीं बनाया गया। केवल औपचारिकता के लिए नामांकन की प्रक्रिया अपनाई गई। जैसे ही मंडल अध्यक्ष के नाम की घोषणा की तो सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। मनोनीत मंडल अध्यक्ष जितेंन्द्र राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय और पूर्व विधायक सांवलाराम डाहरे के समर्थक माने जाते है
महामंत्रियों को बनाया मंडल अध्यक्ष
सुपेला मंडल- विजय जायसवाल
वैशाली नगर - गुरजीत सिंह
केम्प मंडल-अनिल सोनी
जामुल मंडल- संजय शर्मा
रिसाली मंडल- राजीव पांडेय
खुर्सीपार मंडल- रामबृज वर्मा
कुम्हारी- पीएन दुबे
गुटबाजी वाली कोई बात नहीं
जिला भिलाई भाजपा के अध्यक्ष सांवला राम डाहरे का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया के अंतर्गत ही मंडल अध्यक्ष का चुनाव किया गया है। गुटबाजी वाली कोई बात नहीं है।
Published on:
04 Nov 2019 11:57 am
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