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DPS मामले में आखिर क्यों हाईकोर्ट ने माना, विधि सम्मत तरीके से तय नहीं की गई धाराएं

डीपीएस रिसाली में एक छात्रा से कथित छेड़छाड़ के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मामले की अब जिला न्यायालय में फिर से सुनवाई होगी।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Sep 06, 2017

crime

दुर्ग . डीपीएस रिसाली में एक छात्रा से कथित छेड़छाड़ के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मामले की अब जिला न्यायालय में फिर से सुनवाई होगी। आरोपी शिक्षक की पुनरीक्षण याचिका पर हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है। इसके साथ ही आरोपी शिक्षक की जमानत भी हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली।

भिलाई रिसाली स्थिति डीपीएस स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला अगस्त 2016 को सामने आया था। इस पर नेवई पुलिस ने स्कूल के शिक्षक डॉ.आरपी द्विवेदी के खिलाफ पाक्सो एक्ट 2012 की धारा के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। आरोपी शिक्षक की याचिका पर हाईकोर्ट में एक सितंबर को जस्टिस राजेन्द्रचंद्र सिंह सामंत ने सुनवाई की। मामले में संबंधित पक्षों की सुनने के बाद शिक्षक की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश को पुन: सुनवाई कर आरोप तय करने के निर्देश दिए।

न्यायालय ने यह माना
सुनवाई के बाद न्यायालय ने आदेश में कहा कि आरोपी पर विधि सम्मत तरीके से धाराएं तय नहीं की गई है। अप सत्र न्यायाधीश को धारा 216 के तहत अधिकार है कि वह आरोप में कोई भी धारा जोड़ अथवा निरस्त कर सकते हैं। इस लिए अपर सत्र न्यायाधीश् ाइस मामले में फिर से आरोप तय करे।

जमानत पर हुए रिहा
हाईकोर्ट में आरोपी शिक्षक के जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। शिक्षक के अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने बताया कि सुनवाई के बाद न्यायालय ने छात्रा पर लैंगिक हमला नहीं होने के तर्क को स्वीकार करते हुए जमानत याचिका स्वीकार
कर शिक्षक को रिहा करने का आदेश दिया।

जमानत पर हुए रिहा
हाईकोर्ट में आरोपी शिक्षक के जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। शिक्षक के अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने बताया कि सुनवाई के बाद न्यायालय ने छात्रा पर लैंगिक हमला नहीं होने के तर्क को स्वीकार करते हुए जमानत याचिका स्वीकार
कर शिक्षक को रिहा करने का
आदेश दिया।