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इस दिवाली दो दिन का पुष्य नक्षत्र, शुभ मुहूर्त में खरीदारी से धनतेरस पर बरसेगा धन

पंडित विनोद चौबे ने बताया कि इस साल पुष्य नक्षत्र दो दिन रहेगा। इसी तरह धनतेरस के लिए सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेगा।
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भिलाई

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Dakshi Sahu

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Updated: 9 Oct 2017, 12:11 PM IST

bhilai

भिलाई. खरीदारी के लिए सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त धनतेरस पर ट्विनसिटी में जमकर कारोबार होने की उम्मीद है। खासकर रियल एस्टेट, सराफा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन और कपड़ा बाजार में काफी रौनक रहेगी। सप्ताहभर पहले से बाजार तैयार है। कारोबार विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को धनतेरस का बेसब्री से इंतजार रहता है।

इस साल लोगों के रुझान को देखते हुए धनतेरस और दिवाली में करीब तीन सौ करोड़ के व्यापार का अनुमान है। धनतेरस से पहले पुष्य नक्षत्र के लिए भी लोगों की बेताबी जायज है। पंडित विनोद चौबे ने बताया कि इस साल पुष्य नक्षत्र दो दिन रहेगा। इसी तरह धनतेरस के लिए सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य और ग्रह नक्षत्रों का संयोग ऐसा बन रहा है कि इस तिथि में की गई खरीदारी लाभकारी सिद्ध होगी।

१३ अक्टूबर को शुरू होगा
पंडित विनोद चौबे ने बताया कि पुष्य नक्षत्र १३ अक्टूबर को सुबह ११.१७ बजे से शुरू होगा। दो दिन होने की वजह से अगले दिन १४ अक्टूबर को सुबह १०.०२ मिनट तक शुभ मुर्हूत है। इस तरह लोगों को खरीदारी के लिए २५ घंटे और पांच मिनट का शुभ समय मिलेगा। १३ को सुबह १२.०७ बजे से दोपहर १.३४ तक शुभ चौघडिय़ा है। यह समय रियल एस्टेट, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सामानों की खरीदी के लिए उत्तम है। इसी दिन शाम ५ बजकर ५५ मिनट से रात ७.२१ तक लाभ की चौघडिय़ा है, जिसमें सराफा की खरीदारी व नए कार्यों की शुरुआत उत्तम फल देगी। इसी तरह १४ अक्टूबर को सुबह ७.४५ मिनट से ९.१४ तक भी फलदायी मुहूर्त माना जाएगा।

यह है शुभ मुहूर्त
सुबह १०.४० से १२.०६ मिनट तक लाभ की चौघडिय़ा
दोपहर १२.०६ से १.३२ मिनट तक अमृत की चौघडिय़ा
दोहपर २.५८ मिनट से ४.२४ मिनट तक शुभ चौघडिय़ा
रात ८.४१ मिनट से १०.०७ तक लाभ की चौघडिय़ा-
रात १०.०७ मिनट से ११.३५ रात तक अमृत की चौघडिय़ा
विभिन्न सेक्टरों में व्यापार की उम्मीद
रियल एस्टेट - ५०-६० करोड़
सराफा - २५-३५ करोड़
ऑटोमोबाइल - ५०-६० करोड़
मशीनरी हैवी-व्हीकल ५-१० करोड़
इलेक्ट्रॉनिक्स - ५०-६० करोड़
लाइफ स्टाइल - २-५ करोड़
रिटेल मार्केट - १०-१५ करोड़
लक्जरी सेवाएं - २० करोड़
गारमेंट्स - ३०-४० करोड़