
CG के युवाओं की अनोखी मुहिम, अमेरिका के सेंटलुइस शहर में गूंजा छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा
भिलाई. छत्तीसगढ़ की माटी और समृद्ध लोक कला, विरासत को सात समुंदर पार पहचान दिलाने प्रदेश के युवाओं ने एक अनोखी मुहिम छेड़ी है। अमेरिका में रहकर पढ़ाई करने वाले अंचल के छोटे-छोटे जिले के युवा विदेशी धरती में एकजुट होकर हमारी संस्कृति को अमेरिकियों के दिल में बसाने की बेजोड़ कोशिश कर रहे हैं। रायपुर, बिलासपुर, भिलाई के युवा छत्तीसगढ़ को टूरिज्म हब बनाने का संकल्प लेकर पावन धरती की महिमा का बखान कर रहे हैं। इस कड़ी में उन्होंने अंचल की सुप्रसिद्ध पांडवानी गायिका पद्भूषण तीजन बाई को कल्चरल आईकॉन के रूप में प्रस्तुत किया है। ताकि पश्चिमी देशों को हमारी विरासत से रूबरू होने का मौका मिले।
अमेरिका सेंटलुइस शहर में रह रहे रायपुर के अंशुल शर्मा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा का नारा देते हुए शिकागो में छत्तीसगढ़ की लोक कला, संस्कृति को फैलाने कार्यक्रम चलाया गया। इस दौरान रैली निकालकर विदेशियों को छत्तीसगढ़ की विरासत, सभ्यता संस्कृति, धरोहरों व पर्यटन स्थलों के बारे जानकारी दी गई। जिसमें प्रदेश के युवाओं के अलावा वहां बसे २५० से भी अधिक भारतीयों ने हिस्सा लिया। अंशुल कहते हैं कि अपने प्रदेश व देश से दूर रहने के बाद भी हमने छत्तीसगढ़ व भारतीय संस्कृति को जिंदा रखा है। इसे सुदृढ़ बनाने लगातार प्रयास कर रहे हैं।
आदिवासी युवाओं को शिक्षा दिलाने का संकल्प
अंशुल ने बताया कि वे तीन साल से सेंटलुइस शहर में रह रहे हैं। दो वर्ष मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री लेने के बाद फिलहाल प्राइवेट कंपनी में बिजनेस एनॉलीसिस के पद पर जॉब कर रहे हैं। अमेरिका में संस्था बनाकर प्रदेश के गरीब व आदिवासी बच्चों को एजुकेशन दिलाने के लिए फंड रेजिंग कार्यक्रम चला रहे हैं। इसके साथ ही वे यहां एजुकेशन के लिए आने वाले छात्रों की मदद भी कर रहे हैं। इसमें उनका सहयोग उनके मित्र व प्रदेश के युवा प्रियांशु कुमार, इला, व रेणुका सहित दूसरे प्रदेश से अमेरिका में रहने वाले लोग भी कर रहे हैं।
अमेरिका में लहराया शान से तिरंगा
स्वतंत्रता दिवस पर अमेरिका सेंटलुइस शहर के हिंदू टैंपल के पास महात्मा गांधी मेमोरियल में स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें वहां के डिप्टी मेयर पीके नेयर ने भी हिस्सा लिया। चंदा इकट्ठा कर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश के युवा अपने देश को याद कर भावुक हो गए। लोगों ने कहा कि देश से भले ही दूर हैं लेकिन हमारी मिट्टी को कभी नहीं भूल सकते। कार्यक्रम में सैकड़ों भारतीयों के अलावा अमेरिकी नागरिक भी शामिल हुए।
भारत माता की सेवा में जीवन समर्पित
अंशुल व प्रदेश के अन्य युवाओं ने स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भले ही हम अपनी माटी से लाखों मील दूर क्यों न हो लेकिन अपनी मातृभूमि की सेवा ही हमारे जीवन का उद्देश्य है। विदेश में रहकर भी हम अपने देश व राज्य के लिए तन, मन, धन से कार्य करने से पीछे नहीं हटेंगे।
Published on:
17 Aug 2017 10:47 am
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