
भिलाई. दसवीं के आधार पर इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब इन छात्रों को आईटीआई से डिप्लोमा करने के बाद बारहवीं की अलग से परीक्षा देने की अनिवार्यता नहीं होगी। दो साल के डिप्लोमा के बाद छात्रों को बारहवीं के समकक्ष माना जाएगा। इसी तरह आठवीं के आधार पर आईटीआई पास करने वाले छात्र दसवीं पास कहलाएंगे।
हाल ही में डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग(डीजीटी, दिल्ली) में हुए एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता कर आईटीआई करने वाले छात्रों का भविष्य रोशन करने के इस निर्णय पर सहमति जताई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसका सर्कुलर राज्य को भेजा जाएगा, जिसके बाद नए सत्र से इसकी शुरुआत हो सकती है।
कैसे होंगे समकक्ष
संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र में हुई इस बैठक में लिए गए निर्णय पर अभी रूपरेखा तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि दो वर्षीय आईटीआई पास छात्रों को 'राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थानÓ का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस सर्टिफिकेट के नियम का सर्कुलर जल्द मिलने की उम्मीद है। इसी तरह छात्र बारहवीं के समकक्ष माने जाने वाले यह छात्र आगे की पढ़ाई (ग्रेजुएशन) में कौन सा विषय चुन पाएंगे यह भी मायने रखेगा।
कैसे होगा छात्रों को फायदा
अभी दसवीं के बाद आईटीआई करने वाले छात्रों को बारहवीं पास का दर्जा पाने के लिए अलग से प्राइवेट परीक्षा देनी होती है। यानि अगर उन्हें उच्च शिक्षा चाहिए तो बारहवीं का प्रमाण पत्र जरूरी होता है। नए नियम के तहत डिप्लोमा सर्टिफिकेट दिए जाने के साथ ही उन्हें राष्ट्रीय विद्यालयीन संस्था बारहवीं का प्रमाण पत्र देगी। ऐसी स्थिति में छात्रों का समय बचेगा।
वहीं उच्च शिक्षा हासिल करने से कॅरियर के रास्तों में कामयाबी भी मिल सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र से सर्कुलर मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जिन छात्रों को बारहवीं समकक्ष का दर्जा मिलेगा वो विज्ञान विषय के साथ ग्रेजुएशन में दाखिला कैसे लेंगे, क्योंकि विज्ञान में प्रैक्टिकल की बाध्यता अडंगा बनेगी।
राजस्थान में पहले हो चुका है शुरू
अधिकारियों ने बताया कि आईटीआई पास छात्रों को दसवीं और बारहवीं के समकक्ष मानने का निर्णय सबसे पहले राजस्थान सरकार ने लिया। इस निर्णय के बाद ही केंद्र में राष्ट्रीय स्किल काउंसलिंग कमेटी की बैठक हुई जिसमें इसे देशभर में लागू करने का फैसला सुनाया गया है। अधिकारियों की मानें तो नया सर्कुलर जून के अंत तक मिलेगा, जिससे राज्य में दाखिले की प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव हो सकता है, क्योंकि छात्र संख्या में एकाएक इजाफा होना निश्चित होगा।
Published on:
16 Nov 2017 01:08 pm
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