
भिलाई. सफाई कामगारों ने न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर नगर पालिक निगम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। भिलाई से रैली निकालकर कलेक्टोरेट कार्यालय दुर्ग पहुंचे। जहां निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी किया। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन और अवैतनिक अवकाश का एरियर्स दिलाने की मांग की।
निगम कमिश्नर ने लिखा पत्र
ऐक्टू के सचिव जय प्रकाश नायर का कहना है कि सहायक श्रमायुक्त(एएलसी) ने निगम कमिश्नर केएल चौहान को सफाई कामगारों के न्यूनतम वेतनमान में अनियमितता के संबंध में पत्र लिखा है। शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन और अवैतनिक अवकाश का एरियर्स भुगतान करने कहा है।
एक दिन का अवकाश देने कहा
न्यूनतम वेतन अधिनियम १९४८ के अंतर्गत सात दिन की सेवाकाल में एक दिन अवकाश देने कहा है। इसके बावजूद निगम प्रशासन कामगारों को २८१.६७ रुपए की दर से भुगतान करता है। पीएफ और ईएसआईसी की कटौती कर १४१.९५ रुपए प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जा रहा है। साप्ताहिक अवकाश का वेतन नहीं देने की बात कही।
यह लिखा कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में
कामगारों ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में लिखा है कि शासन के आदेश के मुताबिक कामगारों को ३२५ की प्रतिदिन की दर से भुगतान नहीं किया जाता। जबकि शासन ने ३२५ रुपए की दर से भुगतान के आदेश दिए हैं। ३२५ रुपए में पीएफ १२ फीसदी, ईएसआईसी १.७५ फीसदी कटौती के बाद २८०.३२ रुपए भुगतान करने कहा गया है, लेकिन निगम प्रशासन कामगारों को साप्ताहिक अवकाश की घोषणा के साथ २६ दिन का कलेक्टर दर २८१.६७ रुपए प्रतिदिन की हिसाब से भुगतान किया जाता है।
बनाया जाता है दबाव
पीएफ और ईएसआईसी की कटौती कर १४१.९५ रुपए प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाता है। साप्ताहिक अवकाश का वेतन नहीं दिया जाता। नेहरू नगर जोन क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों को रविवार को एक साथ साप्ताहिक अवकाश लेने के लिए दबाव बनाया जाता है। इस तरह से सप्ताह में दो दिन छुट्टी लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
Published on:
04 Dec 2017 01:06 pm
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