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CG impactful news: डीजल घोटाला, स्वच्छता निरीक्षक पांडेय के खिलाफ FIR दर्ज, निगम को लगाया लाखों का चूना

स्वच्छता निरीक्षक महेश पांडेय के खिलाफ फर्जी दस्तावेज, कूट रचना और धोखाधड़ी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
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भिलाई

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Dakshi Sahu

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Updated: 27 May 2018, 11:01 AM IST

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CG impactful news: डीजल घोटाला, स्वच्छता निरीक्षक पांडेय के खिलाफ FIR दर्ज, निगम को लगाया लाखों का चूना

भिलाई. नगर निगम डीजल घोटाले की जांच शुरू हो गई है। सुपेला पुलिस ने प्रभारी स्वच्छता अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा की शिकायत पर स्वच्छता निरीक्षक महेश पांडेय के खिलाफ फर्जी दस्तावेज, कूट रचना और धोखाधड़ी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस की जांच में और भी कई लोगों के नाम आने की संभावना जताई जा रही है।

प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी मिश्रा ने सुपेला थाना प्रभारी से डीजल घोटाले को लेकर स्वच्छता निरीक्षक महेश पांडेय, वाहन चालक संदीप दामले (ठेका कर्मचारी) और यूवी पॉवर सर्विस स्टेशन के सहायक प्रबंधक गजेन्द्र निर्मलकर के खिलाफ शिकायत की थी।

मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। शिकायत पर शनिवार को अपराध पंजीबद्ध किया गया। स्वास्थ्य अधिकारी मिश्रा और सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली जांच प्रतिवेदन में मिल जुलकर गबन की बात सामने आई है। दोनों ने ६ बिन्दुओं पर जांच की है।

बिल वाउचर की होगी जांच तो सभी फंसेंगे
पुलिस यदि दस्तावेज की बारीकी से जांच करती है तो सब फंसेंगे। बिल वाउचर में जोन के सब इंजीनियर, जोन कमिश्नर के हस्ताक्षर होते हैं। लेकिन निगम की जांच में केवल स्वच्छता निरीक्षक को ही दोषी ठहराया गया है। स्वच्छता निरीक्षक ने भुगतान के लिए कम्प्यूटर बिल के स्थान पर जो मैनुअल बिल प्रस्तुत किया है, उसमें अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।

ऐसे में यह सवाल उठ रहा कि क्या अधिकारियों ने कभी इसकी जांच नहीं की? क्या अफसरों को यह मालूम नहीं था कि सर्विस स्टेशन से कम्प्यूटराइज्ड बिल निकलता है, तो मैनुअल बिल पर हस्ताक्षर क्यों करवाया जा रहा है? क्या किसी भी अधिकारी ने स्वच्छता निरीक्षक या स्वास्थ्य अधिकारी को नोटिस जारी किया?

निगम को लाखों रुपए का नुकसान
निगम की ओर से की गई शिकायत में यह कहा गया है कि वैशाली नगर जोन-२ के वाहनों में कोहका रोड कुरुद स्थित यूवी पॉवर सर्विस सर्विस स्टेशन में टोकन सिस्टम से डीजल/पेट्रोल डलवाया जाता है।

सर्विस स्टेशन के सहायक प्रबंधक गजेन्द्र निर्मलकर से निगम के स्वच्छता निरीक्षक महेश पांडेय और वाहन चालक संदीप दामले (ठेका कर्मचारी) ने मिल जुलकर गबन किया है। निगम के वाहन में ईंधन डलवाए बगैर संचालक से पर्ची लिया गया। इसे निगम को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।