
CBSE 10th Board Result: 99.2% लाकर भिलाई का दर्शन बना स्टेट टॉपर, बनना चाहता है IAS ऑफिसर
भिलाई. सीबीएसई दसवीं की परीक्षा में पहली बार शहर के नामी डीपीएस भिलाई के टॉपर्स को पीछे छोड़ संजय रूंगटा स्कूल के छात्र दर्शन जैन ने 99.2 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश में पहला स्थान (CBSE CG state topper darshan jain) हासिल किया। ऋषभनगर दुर्ग निवासी एवं ट्रांसपोर्टर किशोर जैन के बेटे दर्शन को सोशल साइंस, संस्कृत एवं कम्प्यूटर एप्लिकेशन में 100-100 अंक विज्ञान में 99 अंक एवं अंग्रेजी व गणित में 98 अंक मिले। दर्शन यूपीएससी की तैयारी कर आईएएस बनना चाहता है और फिलहाल वह अपने आगे की पढ़ाई देहरादून स्कूल से कर रहा है।
इधर शहर में कई वर्षों बाद ऐसा मौका आया है जब डीपीएस रिसाली के टॉपर्स को छोड़कर रूंगटा स्कूल के छात्र ने प्रदेश में अपनी जगह बनाई। इधर डीपीएस रिसाली की छात्रा जेवी श्रिया और आदित्य साहू 98.8 प्रतिशत अंक लेकर दूसरे स्थान पर रहे। डीपीएस रिसाली की अमिता सेनगुप्ता और सूरज कोंडा 98.2 प्रतिशत अंक अर्जित कर तीसरे स्थान पर रहे। इस बार शहर के इन सभी टॉपर में कॉमन बात यह रही कि उन्होंने पढ़ाई को टेंशन के रूप में नहीं बल्कि उसे एंजाय कर किया। सोशल मीडिया को मनोरंजन के रूप में लेकर उन्होंने सालभर नियमित पढ़ाई कर छुट्टियों का पूरा-पूरा फायदा उठाया।
आईएएस बनने का सपना
रूंगटा स्कूल के दर्शन जैन ने 99.2 प्रतिशत अंक लाकर न सिर्फ प्रदेश में अपना पहला स्थान बनाया। दुर्ग के ऋषभ नगर निवासी किशोर और कुमकुम जैन के बेटे दर्शन का कहना है कि उसे आईएएस बनना है और वह इसके लिए अभी से जुट गया है। कामर्स और मैथ्स सबजेक्ट लेकर वह आगे की पढ़ाई देहरादून से कर रहा है। दर्शन की खास बात यह थी कि उसने कभी पढ़ाई को हौव्वा नहीं बनाया। रोजाना चार घंटे की नियमित पढ़ाई और आज के काम को कल पर न टालने की आदत ने उसे यह मुकाम दिलाया। वह बताता है कि पढ़ाई और एंटरटेंटमेंट के बीच उसने तालमेल बनाए रखा। पढ़ाई के साथ-साथ वह सोशल मीडिया में भी समय बिताता था,लेकिन उसे कभी खुद पर हावी नहीं होने दिया। उसने कहा कि जब हम मन में कोई बात ठान लेते हैं तो वह चीज अपने आप होने लगती है। उसने भी यही सोचा था कि बस पढऩा है और अच्छे अंक लाने हैं।
साइंस में रिसर्च कर सांइटिस्ट बनने की इच्छा
शहर की सेकंड टॉपर जेवी श्रिया भविष्य में खुद को एक साइंटिस्टि के रूप में देखती है। उसने बताया कि उसे साइंस सबजेक्ट ज्यादा पसंद है और वह इसी सबजेक्ट में रिसर्च करना चाहती है। उसने बताया कि उसने अपनी पढा़ई को घंटों में नहीं बांधा। बस जब मन किया पढ़ती चली गई। क्योंकि हर दिन एक सा मूड नहीं होता। जब उसका मूड नहीं होता था वह पढ़ाई के बदले अपनी पसंद की फोटोग्राफी करती थी और सोशल मीडिया में भी वक्त बिताती थी,लेकिन प्रिपेरशन लीव में उसने जमकर पढ़ाई की। श्रिया ने बताया कि उसके पापा जेवी श्रीनिवास और मां विभा दोनों ही बीएसपी में असिस्टेंट मैनेजर है, लेकिन उसकी दादी हमेशा उसके साथ रही और उसका पूरा ध्यान रखा। उसके रिजल्ट का सबसे ज्यादा इंतजार उसकी दादी को ही था।
सॉफ्वेटयर इंजीनियर बनने का सपना
रुआबांधा निवासी भोजकुमार और अंबिका के बेटे आदित्य साहू ने भी 98.8 प्रतिशत अंक लाकर दूसरा स्थान हासिल किया। सॉफ्वेयर इंजीनियर बनने का सपना लिए आदित्य मैथ्स ग्रुप से अपनी पढ़ाई करेगा। आदित्य ने बताया कि उसने परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे ज्यादा एनसीईआरटी की किताबों पर फोकस किया। ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस और कंटेट को समझकर उसने अपनी तैयारी की। उसका कहना है कि स्कूल में टीचर्स का बढ़ाया हुआ यदि हम घर पर आकर रिवाइज करते हैं तो हमें अलग से कुछ भी खास तैयारी करने की जरूरत नहीं होती।
Published on:
16 Jul 2020 01:27 pm
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