
जहां हुई साल की सबसे बड़ी आगजनी उसे आउट सोर्सिंग में देने BSP कर रहा 3 साल से तैयारी, इसलिए नहीं किया मेंटनेंस
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र में आगजनी से कोक ओवन की टार डिस्टिलेशन यूनिट-1 (टीडीपी-1) के खाक हो जाने के मामले में संयंत्र प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोक ओवन को आउटसोर्सिंग पर देने की तीन साल से तैयारी चल रही है इसलिए प्रबंधन इसके मेंटनेंस को लेकर प्रॉपर ध्यान नहीं दे रहा है। टीडीपी-1 में शुक्रवार को हुए हादसे को इसी का नतीजा माना जा रहा है।
संयंत्र के कोक ओवन की यह यूनिट 50 साल से भी पुरानी है। 1969 के अंत में यह यूनिट शुरू हुई थी। तब से लगातार उत्पादन जारी है। समय के साथ एक्विपमेंट्स में बदलाव के साथ-साथ इसके प्रॉपर मेंटेनेंस और नियमित देखरेख की जरूरत पड़ती है। बीएसपी प्रबंधन अन्य यूनिट की तरह कोक ओवन को भी आउटसोर्सिंग पर देना चाहता था। बताया गया कि इसके लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) की सेवा से सेवानिवृत्त हुए कुछ अफसरों द्वारा मिलकर बनाई गई कंपनी इसके लिए तैयार थी।
कंपनी बैटरी ऑपरेशन को अपने हाथों में लेना चाहती थी मगर प्रबंधन पूरी यूनिट को देना चाहती थी। पूर्वसीइओ एस. चंद्रसेकरन के कार्यकाल में फाइल मूव भी हुई, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद एम रवि के कार्यकाल में फाइल फिर निकाली गई। हांलाकि आउटसोर्सिंग पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन देर सबेर यूनिट को निजी हाथों में सौंपना ही है, यह सोचकर प्रबंधन ने इधर से ध्यान हटा लिया। छुटपुट मरम्मत कार्य तो चलता रहा, लेकिन पुरानी इकाई को जिस तरह के मेंटनेंस और हाउसकीपिंग की जरूरत थी वैसी नहीं हो पाई।
कमाऊ यूनिट थी टीडीपी-1
कोक ओवन की इस यूनिट में नैफ्थलीन, टार जैसे बायप्रोडक्ट बनते थे जोकि प्रबंधन के लिए नकदी फसल जैसा है। निजी उद्योग हाथोंहाथ इसे खरीद लेते हैं। जानकारों का तो यहां तक भी कहना है कि कई बार बाइप्रोडक्ट की इतनी डिमांड आती है कि संयंत्र के कर्मियों व अधिकारियों के पूरे एक महीने के वेेतन के बराबर कमाई इसी एकमात्र यूनिट से हो जाती थी।
टीडीपी-से उत्पादन की तैयारी
संयंत्र में दो टार डिस्टिलेशन यूनिट है वन और टू। प्रबंधन ने हादसे के बाद अब यूनिट-2 से उत्पादन लेने की तैयारी शुरू कर दी है। संबंधित विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ शनिवार तक हर हाल में दूसरी यूनिट से उत्पादन शुरू कर देने की तैयारी कर रहे हैं।
कमेटी ने की जांच शुरू
हादसे की जांच के लिए अधिशासी निदेशक सामग्री प्रबंधन डॉ. एसके खैरुल बसर की अगुवाई में गठित कमेटी ने हादसे के कारण, जिम्मेदार और नुकसान का आंकलन शुरू कर दी है।कमेटी अपनी रिपोर्ट संयंत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपेगी।
Published on:
25 May 2019 03:18 pm
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