
बंूद-बंूद पानी सहेज रहा भिलाई इस्पात संयंत्र
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र ने औद्योगिक उपयोग के लिए प्रतिवर्ष 85 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी की रीसाइक्लिंग क्षमता हासिल कर ली है। यह जल संरक्षण की दिशा में किए गए सतत प्रयास का परिणाम है। प्रबंधन अब अपने जीरो-वाटर डिस्चार्ज प्लांट के लक्ष्य के करीब है।
किसी भी एकीकृत इस्पात संयंत्र में इस्पात बनाने की प्रक्रिया में पानी की भारी मात्रा की आवश्यकता होती है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि पानी का संरक्षण और पुनर्चक्रण किया जाए। इन उपायों के साथ ही बीएसपी ने पानी के इष्टतम उपयोग, रिसाव से होने वाले नुकसान को कम करने, वर्षा-जल संचयन आदि प्रमुख क्षेत्रों में भी बेहतर जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया हैं।
पांच बड़े प्रयास जिससे रुक गई पानी की बर्बादी
1. गाद निकाल कर की रीसाइक्लिंग क्षमता में वृद्धि
संयंत्र के आउटलेट-ए से पहले ही अपशिष्ट के पुनर्चक्रण दर को बढ़ाकर लगभग 6500 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा किया गया है। आउटलेट-ए के होल्डिंग तालाब में से गाद निकाल कर इसके रीसाइक्लिंग क्षमता में वृद्धि को हासिल किया गया है।
2. 49 करोड़ की दो परियोजना शुरू की
आउटलेट-बी और आउटलेट-सी से औद्योगिक जल के पुनर्चक्रण के लिए 2900 क्यूबिक मीटर प्रतिवर्ष की दर से रीसाइक्लिंग क्षमता वाली दो नई परियोजनाएं वर्ष 2021 में पूरी हो चुकी हैं और स्थिरीकरण चरण में हैं। आउटलेट-बी परियोजना को 4 करोड़ और आउटलेट-सी परियोजना को 45 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया गया है।
3. 90 प्रतिशत से अधिक अपशिष्ट का पुनर्चक्रण हो सकेगा
इन दो योजनाओं के चालू होने से बीएसपी, कुल संयंत्र अपशिष्ट के 90 प्रतिशत से अधिक अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर सकेगा। उपचारित अपशिष्ट को औद्योगिक मेकअप पानी के रूप में उपयोग करने के लिए इसे संयंत्र के मरोदा-1 जलाशय में पंप किया जाएगा।
4. सीवेज वाटर का उपयोग अब कारखाना में
टाउनशिप के सीवेज जल का औद्योगिक उपयोग के लिए टाउनशिप से 30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का पुनर्चक्रण 1250 घन मीटर प्रति घंटा की दर से रिसाइकिल किया जा रहा है। जिसे औद्योगिक उपयोग के लिए मरोदा-1 जलाशय में पंप किया जाता है।
5. बेकार बहने वाले पानी को रोकने का इंतजाम
अस्पताल सेक्टर, हुडको और तालपुरी सहित अन्य क्षेत्रों से सीवेज के पानी (लगभग 4 से 5 एमएलडी) को रिसाइकिल करने के लिए 30 एमएलडी संयंत्र से जोडऩे की एक अन्य योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बागवानी के लिए करते हैं बारिश के पानी का संचयन
बीएसपी ने प्लांट के अंदर विभिन्न शॉप्स के साथ-साथ टाउनशिप के कुछ प्रशासनिक भवनों में भी कई वाटर हार्वेस्टिंग योजनाओं को लागू किया है। सिंचाई व बागवानी के लिए पीने योग्य पानी के बजाय लगभग 10 हजार क्यूबिक मीटर तालाब के पानी का इस्तेमाल किया। बीएसपी ने प्रसिद्ध सलाहकार, मैसर्स सीआईआई-त्रिवेणी के माध्यम से वाटर ऑडिट भी करवाया है।
बीएसपी के बदौलत सेल ने जीता राष्ट्रीय जल पुरस्कार
हाल ही में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा घोषित किए गए तीसरे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को सर्वश्रेष्ठ उद्योग श्रेणी के तहत तीसरा पुरस्कार मिला है। जिसके मूल्यांकन के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के केस स्टडीज का चयन किया गया था।
बीएसपी देश में दूसरे स्थान पर
विशिष्ट जल खपत दर के मामले में भिलाई इस्पात संयंत्र देश में आरआईएनएल के बाद दूसरे स्थान पर है। आरआईएनएल की विशिष्ट जल खपत दर 2.44 क्यूबिक मीटर प्रति टन क्रूड स्टील है।
Published on:
01 Mar 2022 06:20 pm
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