
Birth Certificate News: जन्म प्रमाण-पत्र के फॉर्म नंबर 1- बर्थ रिपोर्ट में एक और कॉलम बढ़ाया गया है। इसमें नवजात के माता-पिता के धर्म से संबंधित डेटा दर्ज किया जाएगा। करीब एक माह तक बंद रहने के बाद भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप में सेक्टर-8 स्थित जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले दतर में काम फिर से शुरू हो गया है। वहीं जन्म प्रमाण पत्र बनने में लगने वाला वक्त अब पहले से बढ़ गया है। सारे दस्तावेज डाउनलोड करना अनिवार्य हो गया है।
फॉर्म भरते समय रहें अलर्ट
नवजात बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाते वक्त लोग फॉर्म जल्दबाजी में भरते हैँ। इसके बाद उसमें हुई गलती सुधार करवाने दतर का चक्कर काटते हैं। अब जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के बाद, उसमें सुधार करवाना आसान नहीं होगा। नवजात के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन फॉर्म को बिल्कुल सही-सही भरें।
दस्तावेज को भी करना है संलग्न
जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मांगे गए सारे दस्तावेज भी आवेदन के साथ संलग्न करना है। अपडेट होने के बाद सिस्टम उन आवेदनों को ही ऑनलाइन स्वीकार कर रहा है, जिसमें मांगे गए सारे दस्तावेज मौजूद हैं। इस वजह से इसमें एक घंटे से भी अधिक वक्त लग रहा है।
डिजिटल सर्टिफिकेट ही काफी
जन्म व मृत्यु से जुड़ा पूरा डेटा सरकारी पोर्टल सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर डिजिटली मौजूद रहेगा। स्कूल-कॉलेज या किसी भी शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन समेत अन्य जरूरत के लिए जन्मतिथि के प्रमाण के लिए सिर्फ यही डिजिटल सर्टिफिकेट काफी होगा।
माता-पिता को बताना होगा अपना-अपना धर्म
अब बच्चे के जन्म पर माता और पिता दोनों को ही अपना धर्म रजिस्टर करवाना होगा। दोनों को धर्म बताना अनिवार्य है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मॉडल रूल के तहत यह बदलाव किए हैं। केंद्र सरकार अब जन्म और मृत्यु का रिकॉर्ड रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर डेटा स्थापित करेगा, जो डिजिटली उपलब्ध रहेगा।
Published on:
20 Apr 2024 02:05 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
