21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोल कर्मियों को मिलेगा बोनस 85 हजार, बीएसपी कर्मियों की बढ़ी आस

सप्ताहभर में हो जाएगा फैसला,

2 min read
Google source verification

भिलाई

image

Abdul Salam

Oct 10, 2023

कोल कर्मियों को मिलेगा बोनस 85 हजार, बीएसपी कर्मियों की बढ़ी आस

कोल कर्मियों को मिलेगा बोनस 85 हजार, बीएसपी कर्मियों की बढ़ी आस

भिलाई. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कर्मियों के बोनस (एक्सग्रेसिया) को लेकर 17 अक्टूबर 2023 को बैठक नई दिल्ली में होनी है। नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) की बैठक से पहले कर्मियों ने अधिक से अधिक बोनस को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों में आस है, कि उनको भी इस साल अधिक बोनस मिलेगा। जिस तरह से कोल के कर्मियों को बढ़ते हुए मिला है।

मुनाफा में रहा सेल
सेल को वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान कर पूर्व २,६३७ करोड़ रुपए मुनाफा हुआ था। क्रूड स्टील उत्पादन भी बेहतर हुआ था। तब कर्मियों को उनके बेहतर परफॉर्मेंस के आधार पर बोनस दिया जाना चाहिए। यह बात बीएसपी के युवा कर्मचारी कह रहे हैं। कर्मियों की जैसे-जैसे आस बढ़ रही है। वैसे-वैसे यूनियन के नेताओं की धड़कन बढ़ रही है। सेल, परफॉर्मेंस इंसेंटिव स्कीम (एसपीआईएस) के तहत एक्सग्रेसिया का कर्मियों को भुगतान करती है। स्कीम के मुताबिक कर्मचारियों को पिछले वित्त वर्ष के साथ-साथ चालू वित्त वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर बोनस दिया जाता है।

अधिक बोनस की मांग
बीएसपी कर्मचारी चाहते हैं कि अधिक से अधिक बोनस उनके खातों में आए। इस दबाव से उभरने के लिए श्रमिक नेता बोनस देने के लिए तय फार्मूले को बदलने की मांग कर रहे हैं। युवा कर्मचारी चाहते हैं कि कम से कम एनजेसीएस नेता सेल प्रबंधन पर बोनस को लेकर कोल की तरह दबाव बना सके। वहां 85 हजार मिल रहा है, तो कम से कम यहां 60 हजार तक बोनस मिल जाए। सेल को कर्मचारी प्रॉफिट में रखने खून-पसीना बहा देते हैं।

एक यूनियन ने मांग किया 57 हजार
बीडब्ल्यूयू यूनियन के अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने 57 हजार रुपए कम से कम बोनस देने की मांग किए हैं। वे तर्क देते हैं, कि कर्मचारी जिस तरह से बेहतर उत्पादन कर सेल-बीएसपी को हमेशा प्रॉफिट में रखते हैं। कर्मियों का उत्साह बनाए रखने, साल में एक बार दिए जाने वाले बोनस को बढ़ाकर देना चाहिए। टाटा, कोल में कर्मियों को बेहतर बोनस मिलता है, फिर इसमें सेल पीछे क्यों रहे।

काम का बढ़ रहा दबाव
सेल, बीएसपी में नए कर्मियों की भर्ती नहीं हो रही है। कर्मियों की संख्या घटने से काम का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में कम हो चुके कर्मियों को प्रबंधन अधिक राशि बोनस के तौर पर दे सकती है। पहले बीएसपी में ही 63 हजार कर्मचारी काम करते थे। अब उनकी संख्या घटकर 13 हजार के आसपास रह गई है। कर्मियों का मनोबल बढ़ाने की जरूरत है।