
ब्रेकिंग.. भिलाई में स्वाइन फ्लू से एक बुजुर्ग की मौत
भिलाई. सेक्टर-9 हॉस्पिटल में स्वाइन फ्लू से पीडि़त एक बुजुर्ग (81 साल) की बुधवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। स्वाइन फ्लू से मौत की खबर से शहर के लोगों में डर व्याप्त है। इसमें संक्रमित व्यक्ति जब छींकता या खांसता है, तब दूसरों को इसके वायरस प्रभावित कर सकते हैं। वर्तमान में वायरल फीवर व खांसी से शहर में बड़ी संख्या में लोग पीडि़त हैं। ऐसे में इनमें से कौन एच-1 एन-1 से संक्रमित है, यह चिंहित कर पाना संभव नहीं है। चिकित्सक इसी वजह से एहतियात के तौर पर मास्क लगाने व सफाई पर खास ध्यान देने की बात कह रहे हैं।
अब तक हो चुकी 2 मौत
भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर-9 अस्पताल में अब तक 3 मरीज स्वाइन फ्लू के आ चुके हैं। इसमें से चंद दिनों पहले दल्ली राजहरा से आए एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। इसके बाद बुधवार को भिलाई के एक बुजुर्ग मरीज ने दम तोड़ दिया। वहीं एक बालक भी संक्रमित मिला था, वह ठीक हुआ, इसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।
आप रहें सावधान
स्वाइन फ्लू होने पर इलाज में देरी नहीं किया जाना चाहिए। फ्लू अधिक बढ़ जाता है, तब मृत्यु होने का खतरा रहता है। इसमें जिसको बुजुर्ग, बीपी, शूगर हो या कमजोर, गर्भावस्था हो, तब अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है। इसमें पानी की कमी को दूर करने के लिए जूस, गरम सूप, पानी और तरल खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसमें आराम और नींद पूरी लेनी चाहिए।
क्या है स्वाइन फ्लू
वायरस के कारण होने वाला श्वसन रोग है यह। सूकरों के सांस लेने वाले तंत्र को संक्रमित करता है। आम तौर पर यह मौसमी फ्लू की तरह ही होता है। चेहरा से होकर, इसका वायरस मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है। संक्रमित मरीज अगर किसी चीज को छूता है और बाद में उसको कोई दूसरा व्यक्ति छूता है। इसके बाद हाथ को अपनी आंख, मुंह या नाक को छूता है, तब भी वह स्वाइन फ्लू से संक्रमित हो सकता है। फ्लू हवा में है, इस वजह से इसका संक्रमण आसान हो गया है।
बुजुर्गों को अस्पताल में करना पड़ता है दाखिल
स्वाइन फ्लू के मामले अधिकतर गंभीर नहीं होते हैं। इसमें अस्पताल में दाखिल होने की जरूरत भी नहीं पड़ती। सिर्फ गले में खराश, खांसी जैसे लक्षण नजर आते हैं। इसमें केवल कमजोर शरीर वाले और सीनियर सिटीजन को अस्पताल में दाखिल करना पड़ता है।
यहां बरतें एहतियात
स्वाइन फ्लू अगर शहर में पैर पसार रहा है। तब लोगों को स्वच्छता पर खास ध्यान देना है। इसमें छींकते वक्त नाक को ढंकना, खांसते वक्त रूमाल का इस्तेमाल करना, स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए आंख, नाक, मुंह को छूने से बचना चाहिए।
दो की हुई मौत एक ठीक होकर लौटा
बीएसपी के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-9 में इस वर्ष अब तक स्वाइन फ्लू के 3 केस आए। इसमें से दल्ली राजहरा से आए एक बुजुर्ग की कुछ दिनों पहले ही मौत हुई है। आज एक बुजुर्ग (81 साल) ने दम तोड़ा। वहीं एक बालक भी दाखिल हुआ था। वह ठीक होकर घर लौट चुका है।
क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण
- स्वाइन फ्लू के लक्षण में बुखार, खांसी,
- गले में खराश, नाक बहना,
- शरीर में दर्द, सिर दर्द, ठंड लगना और थकान,
Published on:
27 Sept 2023 10:22 pm
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