
भिलाई . धुर माओवादी क्षेत्र रावघाट में सर्चिंग से लौटते समय बीएसफ की विशेष ऑपरेशन टीम पर नक्सलियों ने हमला कर दिया। नक्सलियों ने एंबुश लगाकर दोनों तरफ से फायरिंग की। बीएसएफ टीम ने जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में टीम का नेतृत्व कर रहे बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडर गजेंद्र सिंह और जवान अमरेश कुमार आईईडी की चपेट में आकर शहीद हो गए। देर रात तक शहीदों के शव निकालने के प्रयास जारी थे। इस बीच माओवादियों के दोबारा हमले की आशंका को देखते हुए बीएसएफ और एसटीएफ सुरक्षित रास्ता तैयार करने में जुटे थे।
पहाड़ी इलाके में दोनों तरफ से बीएसएफ टीम पर की फायरिंग
कांकेर जिले के रावघाट इलाके में बीएसएफ की विशेष सर्चिंग टीम बुधवार दोपहर करीब पौने चार बजे कैम्प लौट रही थी। रावघाट थाने से 8 किलोमीटर दूर पूर्व में किलेनार मसपुर इलाके में माओवादियों ने एंबुश लगा रखा था। जैसे ही 70 जवानों की टीम पहाड़ी इलाके से गुजरी तो माओवादियों ने ऊंचाई का फायदा उठाकर दोनों तरफ से फायरिंग कर दी। जवानों ने तत्काला मोर्चा संभाला।
माओवादियेां ने लगा रखे थे पांच आईईडी, एक ब्लास्ट
कोनकोडो और बचरू के बीच माओवादियों ने पांच आईईडी बिछा रखे थे। एंबुश में फंसे जवानों को कवर फायर देकर निकाला जा रहा था। तभी एक आईईडी ब्लास्ट हो गया। असिस्टेंट कमांडर गजेंद्र सिंह और जवान अमरेश कुमार आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आ गए। दोनों शहीद हो गए।
देर रात तक शहीदों के शव निकाल सुबह हेलीकॉप्टर से भेजेंगे गृहनगर
शहीद असिस्टेंट कमांडर गजेंद्र सिंह हरियाणा और शहीद जवान अमरेश कुमार पटना के हैं। सूत्रों की मानें तो शहीदों की पार्थिव देह निकालने के लिए बीएसएफ की टीम जुटी हुई है। आधी रात तक रास्ता साफ कर उनके शव बीएसएफ कैम्प तक लाए जाएंगे। जहां से हेलीकॉप्टर से उनको रायपुर लाया जाएगा जहां से पार्थिव देह उनके गृहनगर भेजी जाएगी।
पुलिस का दावा, जवाबी हमले में मार गिराए चार माओवादी
बस्तर रेंज के आईजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि माओवादियों से मुठभेड़ में बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडर और दो जवानों के शहीद होने की सूचना है। जवाबी हमले में चार माओवादियों को भी मार गिराए जाने की सूचना है। फायरिंग लगातार जारी है। जवानों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीम भेजी गई है।
रावघाट में हैं लौह अयस्क की पहाडिय़ां, बीएसएफ की 134वीं बटालियन तैनात
रावघाट धुर माओवादी इलाका है। यहां लौह अयस्क की पहाडिय़ां हैं, जिसके खनन के लिए यहां रास्ता बनाया जा रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क की आपूर्ति यहां से की जाना है। इसके लिए यहां दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना का काम चल रहा है। इस इलाके की सुरक्षा के लिए बीएसएफ की 134वीं बटालियान तैनात है। इसी बटालियन की टीम सर्चिंग के लिए निकली थी। लौटते समय उनपर माओवादियों ने हमला कर दिया।
Updated on:
07 Mar 2018 11:19 pm
Published on:
07 Mar 2018 11:09 pm
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